Hartalika Teej Vrat Parana 2026: हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है, जिसे बड़ी तीज भी कहते हैं. इस बार ये पर्व 14 सितंबर को मनाया जा रहा है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन बहुत ही विशेष माना गया है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं. साथ ही, कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए इस व्रत को करती हैं. हरतालिका तीज का पारण हमेशा अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है. अगर आपने भी इस व्रत को रखा है, तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि इसे कब और कैसे खोला जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जितना जरूरी हरतालिका तीज व्रत को रखना है, उतना ही जरूरी इसका पारण भी होता है. माना जाता है कि अगर सही समय और सही विधि से इसका पारण न किया जाए, तो व्रत का पूर्ण फल नहीं प्राप्त होता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि हरतालिका तीज का पारण कैसे करें.
हरतालिका तीज पारण समय 2026
- तृतीया तिथि शुरू: 13 सितंबर को सुबह 07:08 बजे
- तृतीया तिथि समाप्त:- 14 सितंबर को सुबह 07:06 बजे
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: 14 सितंबर शाम 06:24 बजे से 08:48 बजे तक
- पारण समय:- 15 सितंबर सुबह 5:54 बजे से सुबह 7:44 बजे के बीच.
हरतालिका तीज व्रत का पारण 15 सितंबर 2026 को सूर्योदय के बाद किया जाएगा. इसका पारण हमेशा अगले दिन किया जाता है. सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार स्नान और पूजन के बाद व्रत खोला जा सकता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार भद्रा आदि का विचार करके सुबह 7:44 बजे के बाद भी पारण किया जाता है.
हरतालिका व्रत कैसे खोलें?
हरतालिका तीज का व्रत अगले दिन सुबह स्नान करने, भगवान शिव और माता पार्वती की दोबारा पूजा और जल विसर्जन (पारण) के बाद खोला जाता है.
स्नान और पूजा:- अगले दिन (चतुर्थी तिथि को) सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद मंदिर या पूजा स्थल पर जाएं.
शिव-पार्वती का पूजन:- सुबह भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या शिवलिंग की फिर से पूजा करें. उन्हें जल और भोग अर्पित करें.
क्षमा प्रार्थना:- पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल या त्रुटि के लिए देवी-देवताओं से माफी मांगें.
जल विसर्जन:- जो मिट्टी या बालू के शिवलिंग और मूर्तियां बनाई थीं, उनका विसर्जन किसी पवित्र नदी, तालाब या गमले में जल के जरिए करें.
दान-पुण्य:- पारण से पहले सुहाग सामग्री, दान या दक्षिणा निकालकर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दें.
जल और भोजन:- भगवान को भोग लगाने के बाद जल ग्रहण करें और सात्विक भोजन के साथ अपना व्रत खोलें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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