August 29, 2026

GYAN मॉडल से विकसित छत्तीसगढ़ की राह: विष्णु भैया के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सपनों को मिल रही उड़ान - Haribhoomi

गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को केंद्र में रखकर GYAN मॉडल के जरिए छत्तीसगढ़ 2047 तक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है।

Developed Chhattisgarh from GYAN model

GYAN मॉडल से 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव (AI-Generated Image)

  • Published: 29 Aug 2026, 05:57 PM IST
  • Last Updated: 29 Aug 2026, 05:57 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए संकल्प के साथ 2047 की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की विकास यात्रा का केंद्र केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण से जोड़ना है। इसी सोच को GYAN मॉडल- G यानी गरीब, Y यानी युवा, A यानी अन्नदाता और N यानी नारी के रूप में विकास की आधारशिला बनाया गया है।

GYAN मॉडल: विकास के चार स्तंभ
यह मॉडल छत्तीसगढ़ के वर्तमान को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देने का प्रयास है। शिक्षा और रोजगार से लेकर किसान समृद्धि, महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण तक, सरकार की प्राथमिकताएं प्रदेश को 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।

GYAN मॉडल

G- गरीब: अंत्योदय से आत्मनिर्भरता की ओर
विकास की पहली प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं और अवसरों की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसी अंत्योदय दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार के लिए आवास, सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों के लिए ₹825 करोड़ के प्रावधान सहित गरीब परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से विकास की मुख्यधारा को गांवों और दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जब गरीब परिवार को बेहतर आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर मिलते हैं, तो उसका प्रभाव केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूती मिलती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को मान, सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन यापन करने का अवसर प्रदान किया है।

कुछ ऐसी ही कहानी है जिला बलरामपुर निवासी राजेश्वरी देवी की। उनके लिए पीएम आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं है। pic.twitter.com/dAw4Geh4NE

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 6, 2026

Y- युवा: शिक्षा से कौशल और रोजगार तक
2047 का विकसित छत्तीसगढ़ आज के युवाओं के सपनों और क्षमताओं पर निर्भर है। इसलिए राज्य सरकार ने शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार को विशेष प्राथमिकता दी है। स्कूली शिक्षा विभाग के लिए लगभग ₹22,360 करोड़ का प्रावधान युवाओं के बेहतर शैक्षणिक भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अबूझमाड़ और जगदलपुर जैसे क्षेत्रों में ‘एजुकेशन सिटी’ की परिकल्पना शिक्षा के अवसरों को दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों के आधुनिकीकरण, कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देकर युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। लक्ष्य स्पष्ट है—छत्तीसगढ़ का युवा नौकरी तलाशने वाला ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी बने।

शिक्षित युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत हैं।

सुशासन सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें। आज हर पंचायत तक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की सुविधा पहुंच रही है और हर विकासखंड में उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध… pic.twitter.com/5mJdAPZVNK

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 22, 2026

A- अन्नदाता: किसान समृद्ध तो मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
छत्तीसगढ़ की पहचान कृषि और किसानों से गहराई से जुड़ी है। इसलिए अन्नदाता की समृद्धि को विकसित छत्तीसगढ़ की आधारभूत शर्त माना गया है। कृषि विभाग के लिए ₹13,507 करोड़ तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और प्रोत्साहन देने वाली कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के लिए ₹600 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देकर किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। क्योंकि जब किसान मजबूत होगा, तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की मजबूती से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

अन्नदाता की समृद्धि ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डबल इंजन सरकार किसानों को उनकी मेहनत का सम्मान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, किसान हितैषी योजनाएं, आधुनिक कृषि सुविधाएं और समयबद्ध आर्थिक सहयोग के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है।… pic.twitter.com/NFHkD6PEVz

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 21, 2026

N- नारी: सशक्त महिला, समृद्ध परिवार
विकसित राज्य की कल्पना नारी शक्ति को विकास की मुख्यधारा में बराबरी की भागीदारी दिए बिना पूरी नहीं हो सकती। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के तहत राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने ₹1,000, यानी सालाना ₹12,000 की राशि DBT के माध्यम से उनके आधार-संबद्ध बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। इसके लिए बजट में ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल ₹11,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना जैसी पहल और महिलाओं को संपत्ति पंजीकरण में 50 प्रतिशत की छूट जैसे कदम महिला स्वावलंबन और संपत्ति के स्वामित्व में उनकी भागीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं।

मातृशक्ति का सम्मान और स्वावलंबन ही समृद्ध समाज की मजबूत नींव है। इसी संकल्प के साथ महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में आर्थिक संबल, आत्मविश्वास और खुशहाली का माध्यम बन रही है।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए सुशासन… pic.twitter.com/lXdroLCkI2

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 11, 2026

युवाओं के सपनों का छत्तीसगढ़
GYAN मॉडल की खासियत यह है कि इसके चारों स्तंभ एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। गरीब को अवसर मिलेगा तो युवा आगे बढ़ेगा, युवा सक्षम होगा तो कृषि और उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी, अन्नदाता समृद्ध होगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और नारी सशक्त होगी तो परिवार एवं समाज की विकास गति तेज होगी। इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ छत्तीसगढ़ सरकार 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम छत्तीसगढ़ की नींव मजबूत कर रही है। आज की योजनाएं केवल वर्तमान की जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए अवसरों का ऐसा आधार तैयार कर रही हैं, जिस पर युवा अपने सपनों की नई इबारत लिख सकें। विष्णु भैया के नेतृत्व में GYAN की यही विकास-धारा 2047 के उस छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रही है, जहां विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे और प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ कह सके कि, यह है मेरा विकसित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़।

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