September 21, 2026

Gwalior Water Project: पाइप के अंदर उतरकर सिंधिया ने किया निरीक्षण, चंबल-कोतवाल परियोजना की जमीनी हकीकत देखी - Haribhoomi

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंबल-कोतवाल जल परियोजना का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन पाइपलाइन के अंदर जाकर काम की गुणवत्ता देखी और अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। 458 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ग्वालियर को रोजाना 150 MLD अतिरिक्त पानी मिलने का लक्ष्य है।

MP News

चंबल-कोतवाल परियोजना की जमीनी हकीकत देखी

  • Published: 21 Sep 2026, 11:40 AM IST
  • Last Updated: 21 Sep 2026, 11:40 AM IST

ग्वालियर: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंबल-कोतवाल जल परियोजना का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन इंटेक वेल, कोतवाल डैम, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज और बानमोर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के काम की प्रगति देखी। निरीक्षण के दौरान सिंधिया निर्माणाधीन पाइप के अंदर भी उतर गए और वहां काम की गुणवत्ता और मजबूती को करीब से देखा। उनका यह अंदाज मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय रहा।

सिंधिया ने अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति, निर्माण की रफ्तार और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने पर जोर दिया। परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

458 करोड़ की परियोजना से मिलेगा अतिरिक्त पानी
चंबल-कोतवाल जल परियोजना की लागत करीब 458 करोड़ रुपये है। इसके तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर के मोतीझील स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद ग्वालियर को रोजाना करीब 150 मिलियन लीटर यानी 150 MLD अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) September 20, 2026

इस परियोजना की मुख्य पाइपलाइन करीब 31 किलोमीटर लंबी है। अधिकारियों के अनुसार इसमें से करीब 22 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। बाकी हिस्से का काम भी निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन नदियों के ऊपर से गुजरेगी पाइपलाइन
परियोजना में पाइपलाइन को कई नदियों और जलधाराओं के ऊपर से ले जाना बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है। इसके लिए क्वारी, सांक और आसन नदी के ऊपर विशेष ब्रिज और डक्ट तैयार किए जा रहे हैं। सिंधिया ने सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज का भी निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसियों से काम में तेजी लाने को कहा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया।

ग्वालियर-चंबल के विकास पर फोकस
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में केवल पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर ही नहीं, बल्कि सिंचाई और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया को दीर्घकालीन विकास योजनाओं से जोड़ने की बात कही।

परियोजना पूरी होने के बाद ग्वालियर को अतिरिक्त जल स्रोत मिलेगा। ऐसे में इसकी प्रगति और समयसीमा का पालन शहर की भविष्य की पेयजल जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।