July 28, 2026

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर करें ये सरल उपाय, करियर, सुख-समृद्धि और गुरु कृपा पाने की है मान्यता - Haribhoomi

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के दिन किए जाने वाले 5 खास उपाय जानें। सुख-समृद्धि, करियर में तरक्की, गुरु दोष से राहत, दान का महत्व और गुरु मंत्र जाप से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं की पूरी जानकारी।

Guru Purnima 2026

Guru Purnima 2026

  • Published: 28 Jul 2026, 07:30 PM IST
  • Last Updated: 28 Jul 2026, 07:30 PM IST

Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान और जीवन का पथप्रदर्शक माना गया है। एक प्रसिद्ध दोहा है- 'गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष। गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटै न दोष॥' इसका भावार्थ है कि गुरु के मार्गदर्शन के बिना न सच्चे ज्ञान की प्राप्ति होती है, न सत्य का बोध होता है और न ही जीवन की कमियां दूर हो पाती हैं। इसी कारण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का विशेष पर्व मानी जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गुरु, आचार्य और शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय मान्यताओं में भी गुरु पूर्णिमा को बृहस्पति ग्रह से जुड़े शुभ कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माना गया है।

गुरु पूर्णिमा पर किए जाने वाले पारंपरिक उपाय
सुख-समृद्धि की कामना के लिए

गुरु पूर्णिमा के दिन घर की उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद हल्दी मिले जल से उस स्थान को शुद्ध करें और वहां घी का दीपक जलाकर भगवान एवं गुरु का स्मरण करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का वास होता है।

करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए
इस दिन जरूरतमंद लोगों को पीले रंग की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। पीली दाल, पीले वस्त्र, केसर, पीले रंग की मिठाई या पीतल की उपयोगी वस्तुएं श्रद्धा से दान की जा सकती हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होते हैं।

गुरु ग्रह की कृपा के लिए
जिन लोगों की ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरु ग्रह कमजोर माना जाता है, वे इस दिन गुरु यंत्र की स्थापना कर विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई उपासना को गुरु कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।

स्नान और दान का महत्व
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किसी पवित्र नदी या उपलब्ध स्वच्छ जल में स्नान कर अन्न, वस्त्र, धन अथवा अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि और अन्न-धन की वृद्धि होती है।

गुरु मंत्र का जप
यदि आपके जीवन में गुरु हैं तो इस दिन उनका आशीर्वाद अवश्य लें। जिनका कोई आध्यात्मिक गुरु नहीं है, वे भगवान शिव या भगवान विष्णु का स्मरण कर उन्हें अपना गुरु मानकर पूजा कर सकते हैं। इसके बाद श्रद्धापूर्वक गुरु मंत्र का 108 बार जप करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता
गुरु पूर्णिमा केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, संस्कार और सही मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। इस दिन श्रद्धा, सेवा और दान जैसे कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।