August 31, 2026

Gumla News: भ्रामक दावों और मिस-लेबलिंग उत्पाद पर सख्ती, 115 खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाने के आदेश

Gumla News: गुमला जिले में अमानक, मिस-लेबलिंग और भ्रामक दावों वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया गया. जिले के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (खाद्य सुरक्षा शाखा) ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कड़ा रुख अपनाया है.

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FSSAI के नियमों के उल्लंघन और भ्रामक प्रचार को लेकर चिन्हित 115 उत्पादों/कंपनियों की सूची जारी करते हुए सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों के मौजूदा स्टॉक को बाजार से तुरंत वापस लेने (रिकॉल करने) का आदेश दिया गया है.  

बिक्री रोकने की तैयारी

इस रोक को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सोमवार को गुमला जिला चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष, सचिव, गुमला डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगस एसोसिएशन को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है. प्रशासन ने व्यावसायिक संगठनों से अपील की है कि वे व्यापारियों और दवा विक्रेताओं के बीच जागरूकता फैलाएं ताकि ऐसे किसी भी भ्रामक उत्पाद की बिक्री जिले में न हो सके.  


जांच के दायरे में आए प्रमुख ब्रांड्स और उत्पाद

FSSAI की ओर से जारी सूची में कई बड़े और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं:- जिसमें पतंजलि फूड्स लिमिटेड का पतंजलि दूध बिस्कुट (100% आटा होने का दावा) है. फेरेरो इंडिया का किंडर जॉय में  (मिल्क सॉलिड्स के भ्रामक दावे) है. मैरिको लिमिटेड का सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल में (हार्ट-हेल्थ को लेकर भ्रामक दावे) है. 


इसके अलावा एनर्जी व कैफीन युक्त पेय पदार्थ में स्टिंग एनर्जी, रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालाईन रश, कैम्पा एनर्जी और गैटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक में (कैफीनेटेड बेवरेज पर बिना उचित नियमों के 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' नाम का इस्तेमाल) किए गए है. इमामी एग्रोटेक व अमूल के इमामी 'हेल्दी एंड टेस्टी' तेल और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम का दावा भ्रामक है.  


अन्य उत्पाद में बिस्लेरी (एडेड मिनरल्स दावा), रॉ प्रेसर्री मैंगो ड्रिंक (बिना एडेड शुगर का भ्रामक दावा), मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई, डाबर हार्ट केयर, विभिन्न कंपनियों के ब्राउन ब्रेड, टोफू एवं बेबी फूड उत्पाद.  
लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई. अभिहित अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने, भ्रामक विज्ञापन देने और गलत ब्रांडिंग करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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