
Gulf देशों के साथ भारत की बैठक
भारत और Gulf देशों के बीच 178.66 अरब डॉलर के कारोबार को अब Free Trade Agreement की नई ताकत देने की तैयारी है. न्यूयॉर्क में हुई India-GCC Troika Ministerial Meeting में FTA बातचीत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा और fertilizer supply, commercial shipping की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई. इसके साथ ही खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर भी अहम चर्चा हुई.
न्यूयॉर्क में भारत और Gulf Cooperation Council यानी GCC देशों के बीच अहम Troika Ministerial Meeting हुई. बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. GCC की ओर से Bahrain के विदेश मंत्री, GCC के Secretary General और Saudi Arabia के Minister of State for Foreign Affairs समेत UAE, Qatar, Oman और Kuwait के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए.
FTA बातचीत शुरू होने का स्वागत
बैठक का सबसे अहम मुद्दा भारत-GCC Free Trade Agreement यानी FTA रहा. दोनों पक्षों ने FTA बातचीत शुरू होने का स्वागत किया. फरवरी 2026 में इसके Terms of Reference यानी बातचीत का दायरा और बुनियादी शर्तें तय की गई थीं.
Glad to co-chair the India-Gulf Cooperation Council Troika Ministerial Meeting in New York on the margins of #UNGA81.
Reviewed the progress of the India-GCC Joint Action Plan 202428 and discussed ways to further advance our partnership.
Welcomed the launch of India-GCC FTA pic.twitter.com/e5MGzOPb59
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 25, 2026
कुल व्यापार 178.66 अरब डॉलर रहा
अब इस FTA को भारत और GCC के बीच व्यापार की पूरी क्षमता खोलने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात ये है कि FY 2025-26 में भारत और GCC के बीच कुल व्यापार 178.66 अरब डॉलर रहा. बैठक में कहा गया कि FTA से भारत और Gulf देशों के बीच exports को बढ़ाने और उनमें diversification लाने में मदद मिल सकती है. यानी भारत के लिए Gulf market में कारोबार और निर्यात के नए अवसर खोलने पर फोकस है.
बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की energy security रहा. विदेश मंत्री जयशंकर ने GCC देशों को conflict के दौरान भारत को energy और fertilizer की supply जारी रखने के लिए धन्यवाद दिया. इसके साथ ही भारत ने Gulf देशों के साथ अपनी energy partnership को और व्यापक बनाने पर जोर दिया. इसमें renewable energy, biofuels और green technologies जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं.
भारतीयों की सुरक्षा भी चर्चा
बैठक में commercial shipping की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई.पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में commercial shipping के सामने आने वाली चुनौतियों पर भारत और GCC देशों ने विचार साझा किए. GCC देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा भी चर्चा का अहम हिस्सा रही. जयशंकर ने GCC देशों द्वारा भारतीय diaspora के welfare और हालिया West Asia conflict के दौरान उनकी safety और well-being सुनिश्चित करने की सराहना की.
Joint Action Plan की भी समीक्षा
दोनों पक्षों ने 2024 से 2028 के लिए तय Joint Action Plan की भी समीक्षा की. इसमें political dialogue, security, trade and investment, food security, transportation, energy, health, culture और education जैसे क्षेत्र शामिल हैं. MEA के मुताबिक इन क्षेत्रों में सहयोग में लगातार प्रगति हुई है. बैठक के अंत में भारत और GCC ने दूसरी India-GCC Joint Ministerial Meeting for Strategic Dialogue जल्द आयोजित करने पर सहमति जताई.
यानी न्यूयॉर्क की इस बैठक में भारत-Gulf रिश्तों का फोकस सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापार, FTA, green energy, shipping security और Gulf में भारतीयों की सुरक्षा, सभी को एक साथ आगे बढ़ाने का रोडमैप सामने आया.

शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
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