Updated On: Jul 13, 2026 | 03:38 PM IST
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सार
Akola GMC News: अकोला सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय को आयकर अधिनियम की धारा 12AB और 80G के तहत मान्यता मिल गई है। अब दानदाताओं को टैक्स छूट मिलेगी और अस्पताल को सीएसआर से आधुनिक उपकरण मिल सकेंगे।

अकोला सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय फाइल फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Akola GMC CSR Funding Recognition: अकोला सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, अकोला को आयकर अधिनियम, 1961 के तहत धारा 12AB और धारा 80G के अंतर्गत आवश्यक पंजीकरण एवं मान्यता प्राप्त हो गई है। इस मान्यता के बाद उद्योग समूह, सार्वजनिक उपक्रम, कॉर्पोरेट कंपनियां, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा दानदाता अस्पताल को सीएसआर (CSR) निधि या दान के माध्यम से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, औषधियां एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब वेंटिलेटर, आईसीयू (ICU) उपकरण, डायलिसिस मशीन, मॉनिटर, मरीजों के बेड, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, पोर्टेबल एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी सहित अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरण दान स्वरूप प्राप्त किए जा सकेंगे। धारा 12AB के तहत अस्पताल को धर्मार्थ संस्था का वैधानिक दर्जा मिला है, जबकि धारा 80G के अंतर्गत दान देने वाले पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं को आयकर नियमों के अनुसार कर छूट का लाभ मिलेगा। इससे अस्पताल के विकास में जनसहभागिता और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
वर्ष 2002 में स्थापित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय, अकोला विदर्भ का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा केंद्र है। वर्ष 2024 से यहां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं। प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए सीएसआर (CSR) निधि और सामाजिक सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अधिष्ठाता डॉ. संजय सोनुने ने उद्योग समूहों, बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा दानदाताओं से सहयोग करने की अपील की है।
इच्छुक दान समिति से करें संपर्क
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं सर्वोपचार अस्पताल की दान समिति के अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता डॉ. संजय सोनुने, सदस्य एवं वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. प्रवीण सपकाल, सदस्य डॉ. अरविंद आडे तथा सीएसआर (CSR) समन्वयक एवं समाजसेवा अधीक्षक (वैद्यकीय) अमोल शेंडे से संपर्क कर सकते हैं।
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मरीजों को मिलेंगी आपातकालीन सुविधाएं
अकोला GMC अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस सहयोग से गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू (ICU) और आपातकालीन सेवाएं मजबूत होंगी तथा जांच एवं उपचार में प्रतीक्षा अवधि कम होगी। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ होगा तथा कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, नवजात शिशु एवं ट्रॉमा केयर जैसी विशेष चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा। साथ ही, डॉक्टरों एवं मेडिकल विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों पर प्रशिक्षण मिलने से चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
