September 9, 2026

GGIC में पुरुष प्रधानाचार्यों की नियुक्ति का विरोध: शिक्षक संघ ने कैलाश यादव की तैनाती पर आपत्ति जताई, शासन से फैसले पर पुनर्विचार की मांग - Prayagraj (Allahabad) News

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प्रयागराज3 घंटे पहले

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प्रयागराज में राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में पुरुष प्रधानाचार्यों की नियुक्ति को लेकर राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने आपत्ति जताई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से लंबे इंतजार के बाद समूह 'ख' के 326 शिक्षकों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर नई तैनाती दी गई है।

इसके बाद बालिका कॉलेजों में पुरुष प्रधानाचार्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया है। मामला प्रयागराज के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धनूपुर से शुरू हुआ। यहां कैलाश यादव को प्रधानाचार्य बनाए जाने पर शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि बालिका इंटर कॉलेजों में छात्राओं की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए प्रधानाचार्य पद पर महिला संवर्ग के अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। पुरुष प्रधानाचार्य की तैनाती छात्राओं और अभिभावकों की भावनाओं के अनुरूप नहीं है।

अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पुनर्विचार की मांग

राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को पत्र भेजकर बालिका इंटर कॉलेजों में पुरुष संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

संघ के प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव और प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा कि बालिका विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद पर महिला संवर्ग की नियुक्ति अधिक उपयुक्त होगी। उन्होंने शासन से इस मामले में तत्काल उचित निर्णय लेने की मांग की है।

बेसिक अनुभाग में भेजे गए अधिकारियों पर भी सवाल

संघ ने पदोन्नति के बाद कई अधिकारियों को बेसिक अनुभाग के संस्थानों में तैनाती दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। संघ का तर्क है कि बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग के संस्थान अलग-अलग संवर्ग के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में एक विभाग से दूसरे विभाग के संस्थानों में तैनाती को लेकर नियमों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के कई राजकीय विद्यालय अभी भी प्रधानाचार्य विहीन हैं। ऐसे में बेसिक अनुभाग के संस्थानों में तैनात किए गए अधिकारियों को वहां से हटाकर राजकीय विद्यालयों में खाली पड़े प्रधानाचार्य पदों पर नियुक्त किया जाना चाहिए।

संघ ने चेतावनी दी है कि शासन स्तर पर मामले का उचित समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।

विभाग बोला- नियमानुसार हुई पदोन्नति और तैनाती

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति और तैनाती की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है। सभी नियुक्तियां वरिष्ठता सूची और पात्रता के आधार पर की गई हैं। हालांकि, शिक्षक संघ के विरोध के बाद अब मामले में शासन स्तर पर पुनर्विचार की संभावना बनी है।

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