जयपुर में कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- अपनी बात कहने का हर किसी को अधिकार है, लेकिन शब्दों का चयन संस्कारों के अनुरूप होना चाहिए। GenZ का अपना एक अलग तरीका है, उसके लिए तो मैं कुछ नहीं कह सकता। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान यु
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उन्होंने कहा- डिजीटल का यूज सही तरीके से किया जाए। उसका मिस यूज नहीं किया जाए। कम्प्यूटर और मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों का शारीरिक और मेंटली विकास नहीं हो रहा। बच्चों की आंखें खराब हो रही हैं।
वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- शिक्षा और चिकित्सा ऐसी सुविधाएं हैं, जो हर नागरिक को बिना भेदभाव के मिलनी चाहिए, जबकि बाकी मुफ्त योजनाओं की जरूरत नहीं है।
SPL भारत कप सीजन-2 की घोषणा के लिए जयपुर आए पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस मौके पर जंतर-मंतर में प्रदर्शन, आरक्षण, NEET, मुफ्त योजनाओं और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर देवकीनंदन ठाकुर ने राय रखी।

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- आप कुछ भी कहा, लेकिन शब्द अलग-अलग ढूंढना चाहिए।
सवाल: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कई अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पर क्या कहना चाहेंगे?
देवकीनंदन ठाकुर- इस विषय पर मैं तो क्या ही कहूं? इस पर मुझे कबीर की एक वाणी याद आती है- 'ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।' शायद इसी को संस्कार कहते हैं। आप कुछ भी कह सकते हो, लेकिन शब्द अलग-अलग ढूंढ सकते हो। शब्दों को ढूंढना चाहिए।

सवाल: क्या NEET का एग्जाम रिजर्वेशन बेस्ड होना चाहिए?
देवकीनंदन ठाकुर: आप विदेश की नकल कर रहे हो और विदेश की पूरी तरीके से नकल नहीं कर पा रहे हो। विदेश में आरक्षण कहां है। 12वीं तक के बच्चे सब बराबर पढ़ते हैं। हर एक आदमी का बच्चा 12वीं तक एक ही तरह की पढ़ाई करता है, एक ही स्कूल में पढ़ेगा। आप बच्चों को पढ़ाओ ना, उनकी नकल करना शुरू तो करो। शिक्षा और चिकित्सा में कोई भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह मेरा खुद का ओपिनियन है।
सवाल: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने रोज लाखों रुपए का फूड बांटा। इस पर क्या कहना चाहेंगे?
देवकीनंदन ठाकुर: उस पर कानूनी कार्रवाई होगी, उसका सामना वह करेगा। ना तो वह आपके पास आ रहा है, ना किसी और के पास। उसे किसने फंडिंग की, मुझे नहीं पता है। थोड़ी जांच पहले कमेटी कर ले, उसके बाद में हम और आप बात करेंगे।

देवकीनंदन ठाकुर ने SPL भारत कप सीजन-2 की घोषणा की।
क्रिकेट नहीं, संस्कार और सेवा का माध्यम है SPL
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- क्रिकेट मेरा बचपन से पसंदीदा खेल रहा है। क्रिकेट बहुत जगह हो रहा है, लेकिन क्रिकेट को दायित्व, सेवा और संस्कारों से जोड़ना SPL का विशेष गुण है। हमारे बच्चों को यह सीख मिले कि जब उन्हें मुफ्त में मंच मिला है और वे आगे बढ़ेंगे तो समाज के लिए भी काम करें। यही संस्कार है।
उन्होंने बताया- SPL भारत कप का दूसरा सीजन फरवरी-मार्च 2027 में राजस्थान में होगा। इस बार T10 की जगह टूर्नामेंट T12 फॉर्मेट में होगा। इसका उद्देश्य युवाओं को सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।
हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा में लगाए जाएंगे
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- मैंने आयोजकों से कह दिया है कि किसी खिलाड़ी से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। सभी खिलाड़ियों को निशुल्क मंच मिलेगा। जिन बच्चों के पास रुपए नहीं हैं, उन्हें भी मौका मिलेगा। पिछले सीजन में हमने हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा के लिए दिए थे। यह राशि जरूरतमंद माताओं-बहनों की सहायता और अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों में लगाई गई। यह परंपरा जारी रहेगी।
ठाकुर ने कहा- राजस्थान साधारण भूमि नहीं है। यहां गोविंददेवजी साक्षात विराजते हैं। यह भक्ति और शक्ति की भूमि है। जब तक बच्चों को संस्कारों और परोपकार से नहीं जोड़ेंगे, तब तक भारत का भविष्य मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं कहता हूं कि यह केवल खेल नहीं, साधना है।
फरवरी-मार्च में होगा दूसरा सीजन
SPL भारत कप 2027 में पहली बार ऑक्शन सिस्टम लागू होगा। 250 खिलाड़ियों में से 128 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। टूर्नामेंट में 31 लाख रुपए की प्राइज मनी, कार, बाइक, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द टूर्नामेंट सहित कई पुरस्कार दिए जाएंगे। खिलाड़ियों से किसी तरह की एंट्री फीस नहीं ली जाएगी।
साथ ही सभी मुकाबले इस बार टेनिस बॉल की जगह सिंथेटिक लेदर बॉल से खेले जाएंगे। इसमें 14 से 35 साल तक के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। देश के 8 राज्यों की टीमें इसमें हिस्सा लेंगी।