October 17, 2026

नेपाल-बांग्लादेश के Gen Z आंदोलन से BJP की राजनीति तक, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा

Pappu Yadav: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों, विदेश नीति और देश में युवा आंदोलनों से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश में युवाओं की भूमिका का जिक्र करते हुए भारत में प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े किए.

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा. इसके साथ ही भाजपा की गठबंधन राजनीति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा. पप्पू यादव ने पूर्णिया में प्रेस कांफ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए और सरकार से जवाब मांगा.

नेपाल-बांग्लादेश में युवा बदलाव की ताकत, भारत में प्रदर्शन पर सवाल क्यों?

पप्पू यादव ने नेपाल और बांग्लादेश में युवा आंदोलनों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में युवाओं के विरोध और राजनीतिक बदलाव को अलग नजरिये से देखा जाता है. ऐसे में भारत में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने वाले युवाओं के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए, इस पर भी विचार जरूरी है.

सांसद ने सवाल उठाया कि अगर सरकार नेपाल और बांग्लादेश की नई राजनीतिक व्यवस्थाओं के साथ कूटनीतिक संबंध रखती है, तो भारत में विरोध करने वाले युवाओं पर सख्ती क्यों की जाती है? उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है. सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए.

दिल्ली में प्रदर्शन और युवतियों के साथ बदसलूकी का आरोप

दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि युवा आंदोलनों को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए. उन्होंने 1 लाख 68 हजार जवानों की तैनाती का आंकड़ा भी बताया.

सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ युवतियों के साथ थाने में बदसलूकी हुई. उन्होंने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर भी प्रदर्शनकारी बेटियों के कपड़े फाड़ने और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पप्पू यादव ने सवाल किया कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाना क्या अपराध है?

पाकिस्तान और विदेशी फंडिंग के आरोपों पर भी उठाए सवाल

पप्पू यादव ने युवा आंदोलनों को विदेशी फंडिंग से जोड़ने की राजनीति पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हर विरोध को पाकिस्तान से जोड़कर देखना उचित नहीं है. यदि सरकार को विदेशी एजेंसियों या दूसरे देशों की ओर से किसी तरह की फंडिंग का संदेह है, तो उसे तथ्यों के आधार पर जांच करनी चाहिए.

उन्होंने अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के बीच बदलते समीकरणों का भी जिक्र किया. एलन मस्क और अमेरिकी एजेंसियों की कथित फंडिंग को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को इस तरह की आशंका है, तो संबंधित पक्षों से सीधे जवाब क्यों नहीं मांगा जाता? उन्होंने पड़ोसी देशों में भारत के कूटनीतिक प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई.

भाजपा की गठबंधन राजनीति पर पप्पू यादव का हमला

पप्पू यादव ने भाजपा पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार गठबंधन करने का आरोप लगाया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पार्टी के साथ गठबंधन और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भाजपा आज जिन दलों पर सवाल उठाती है, वह खुद भी अलग-अलग समय पर क्षेत्रीय दलों के साथ सत्ता में रही है.

बिहार की राजनीति पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार के सहयोग के बिना भाजपा के लिए राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना आसान नहीं था. उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह धर्म और जाति के मुद्दों से आगे बढ़कर अपने दम पर चुनाव जीतकर दिखाए. उन्होंने उद्योगपतियों से कथित नजदीकी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा.

राजनाथ सिंह के बयान पर भी पलटवार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना राहुल गांधी के चुनाव जीतने को लेकर टिप्पणी की गई थी. पप्पू यादव ने भाजपा के पुराने सहयोगियों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल और शिवसेना के बालासाहेब ठाकरे जैसे नेताओं का साथ भाजपा के राजनीतिक विस्तार में अहम रहा.

उनका कहना था कि भाजपा को अपने गठबंधन के इतिहास को भी याद रखना चाहिए. दूसरों की राजनीतिक निर्भरता पर टिप्पणी करने से पहले उसे अपने पुराने सहयोगियों की भूमिका पर भी विचार करना चाहिए.

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गुजरात में अपने ऊपर हमले की साजिश का आरोप

पप्पू यादव ने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि जब वह गुजरात से बिहारी छात्रों को वापस लाने गए थे, तब उन पर स्याही फेंकी गई थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी. सांसद के मुताबिक, उस दौरान उन्होंने छात्रों को वहां से निकालने में मदद की थी. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.

प्रशांत किशोर पर निशाना, आर्थिक मदद और उम्मीदवारों पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह जरूरतमंदों को केवल 50 रुपये नहीं देते, बल्कि खुद आर्थिक सहायता पहुंचाते हैं. उनके दावे के अनुसार, उन्होंने पीड़ित परिवारों को 20 हजार से दो लाख रुपये तक की मदद दी है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद लोगों को कम से कम 500 रुपये देने की कोशिश करते हैं.

प्रशांत किशोर की राजनीतिक घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पहले चुनाव नहीं लड़ने और मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं होने की बात कही जाती थी. बाद में राजनीतिक रुख बदल गया. उन्होंने वीआईपी संस्कृति से दूरी बनाने के दावों पर भी सवाल उठाया.

एमएलसी चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवारों को लेकर भी पप्पू यादव ने आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप हैं. इनमें लड़कियों से चैट करने और शिक्षा के नाम पर पैसे लेकर पास कराने जैसे आरोप शामिल हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित उम्मीदवारों का पक्ष भी सामने आना बाकी है.

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