डिग्री हाथ में है, नौकरी की तलाश जारी है... लेकिन अब तस्वीर थोड़ी बदलती दिखाई दे रही है. अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर कुछ आंकड़े आए हैं, जो युवाओं के बीच रोजगार को लेकर एक नई तस्वीर बना रहे हैं. ताजा हायरिंग आंकड़े बताते हैं कि फ्रेशर्स के लिए नौकरी के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन हर सेक्टर की कहानी अलग है. कहीं कंपनियां तेजी से नए लोगों को नौकरी देने की तैयारी कर रही हैं, तो कहीं भर्ती को लेकर अभी भी सावधानी बरती जा रही है. यानी सवाल सिर्फ नौकरी मिलने का नहीं है, बल्कि ये भी है कि युवाओं के लिए नौकरियां आखिर बन कहां रही हैं? युवाओं से जुड़े सबसे बड़े सवालों में शिक्षा के बाद रोजगार भी शामिल है. भारत में नए उम्मीदवारों के लिए नौकरियों को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2026 की दूसरी छमाही में कंपनियों की भर्ती की इच्छा पहले के मुकाबले बढ़ी है.
75 फीसदी कंपनियां नए उम्मीदवारों को नौकरी देने के मूड में
टीमलीज एडटेक की जुलाई-दिसंबर 2026 करियर आउटलुक रिपोर्ट बताती है कि देशभर में सर्वे किए गए 75 फीसदी नियोक्ताओं ने 2026 की दूसरी छमाही में नए उम्मीदवारों को नौकरी देने की इच्छा जताई है. हालांकि, पहली छमाही में यह आंकड़ा 73 फीसदी था. यह रिपोर्ट मई से जुलाई 2026 के बीच 1,097 कंपनियों से मिले जवाबों के हिसाब से बनाया गया है. यानी कुल मिलाकर नए उम्मीदवारों के लिए नौकरी का माहौल थोड़ा बेहतर हुआ है, लेकिन असली तस्वीर अलग-अलग क्षेत्रों को देखने पर सामने आती है.
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किस सेक्टर में सबसे ज्यादा बढ़ी है मांग
बता दें कि नए उम्मीदवारों की भर्ती के मामले में ई-कॉमर्स और तकनीकी स्टार्टअप के साथ रिटेल 93-93 फीसदी के साथ सबसे आगे हैं. इसके बाद विनिर्माण 89 फीसदी, एफएमसीजी 86 फीसदी और यात्रा एवं आतिथ्य 81 फीसदी पर हैं. आंकड़ों के मुताबिक, ई-कॉमर्स और तकनीकी स्टार्टअप में नए उम्मीदवारों की भर्ती का इरादा 2026 की पहली छमाही के 90 फीसदी से बढ़कर 93 फीसदी हो गया है. रिटेल में यह 91 से 93 फीसदी और विनिर्माण में 85 से बढ़कर 89 फीसदी हुआ है. एफएमसीजी में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है. यहां भर्ती का इरादा 80 फीसदी से बढ़कर 86 फीसदी हो गया. वहीं यात्रा और आतिथ्य क्षेत्र में यह 77 फीसदी से बढ़कर 81 फीसदी पहुंच गया.
आईटी में नौकरी है, लेकिन नए उम्मीदवारों की मांग घटी
युवाओं के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले आईटी क्षेत्र में इस बार नए उम्मीदवारों की भर्ती की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी कंपनियों में फ्रेशर्स को नौकरी देने की इच्छा 76 फीसदी है, जो साल की पहली छमाही में 81 फीसदी थी यानी इसमें 5 फीसदी की कमी आई है. इसी तरह कंसल्टिंग में भर्ती की इच्छा 22 से घटकर 19 फीसदी, शिक्षा क्षेत्र में 23 से 21 फीसदी, मीडिया और मनोरंजन में 54 से 52 फीसदी, मार्केटिंग और विज्ञापन में 62 से 59 फीसदी और टेलीकॉम में 64 से 61 फीसदी रह गई है.
एआई और सेमीकंडक्टर जैसी नौकरियों की बढ़ी मांग
नए उम्मीदवारों के लिए सबसे ज्यादा मांग वाली नौकरियों की लिस्ट भी बता रही है कि कंपनियों की जरूरत किस दिशा में बदल रही है. रिपोर्ट में टॉप पांच नौकरियों में एआई एप्लीकेशन डेवलपर, जूनियर सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियर, डेटा सेंटर ऑपरेशन एसोसिएट, प्रोग्रामेटिक विज्ञापन एसोसिएट और इन्वेंट्री एवं डिस्पैच एग्जीक्यूटिव शामिल हैं. इसके अलावा कंपनियां साइबर सुरक्षा विश्लेषक, फुल-स्टैक डेवलपर, क्विक-कॉमर्स ऑपरेशन एग्जीक्यूटिव, डिजिटल मीडिया विश्लेषक, बायोमेडिकल उपकरण तकनीशियन, डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, डेटा रिसर्च विश्लेषक, ऑटोमेशन एवं कंट्रोल इंजीनियर, सप्लाई चेन प्लानर और जीआईएस विश्लेषक जैसे पदों के लिए भी नए उम्मीदवारों की तलाश कर रही हैं.
बेंगलुरु सबसे आगे
लेकिन वहीं अगर इनमें शहरों की बात करें तो बेंगलुरु में नए उम्मीदवारों की भर्ती का इरादा सबसे ज्यादा 89 फीसदी है. वहीं, मुंबई 75 फीसदी और चेन्नई 71 फीसदी पर है. हैदराबाद का नंबर 60 फीसदी, दिल्ली 49 फीसदी और पुणे 41 फीसदी पर है. रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी छह प्रमुख शहरों में 2026 की पहली छमाही के मुकाबले दूसरी छमाही में नए उम्मीदवारों की भर्ती का इरादा बढ़ा है.
सिर्फ डिग्री नहीं, स्किल भी जरूरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनियां अब सिर्फ डिग्री और पढ़ाई देखकर नौकरी नहीं देना चाहती. वे ऐसे युवाओं की तलाश कर रही हैं जिनके पास काम से जुड़ी जरूरी तकनीकी स्किल भी हो. इनमें फुल-स्टैक इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी, बिजनेस एनालिसिस, हेल्थ टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, डिजिटल मार्केटिंग और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसी स्किल शामिल हैं. इसके अलावा कंपनियां उम्मीदवारों में जिम्मेदारी, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना, सही तरीके से सोचना, काम के प्रति ईमानदारी और बदलते माहौल के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता को भी काफी अहम मान रही हैं.
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