Updated: Wednesday, September 30, 2026, 21:33 [IST]
Flydubai FZ1073 Incident: दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार (30 सितंबर) को ऐसी घटना हुई, जिसने कुछ देर के लिए इसे हाईजैकिंग का मामला बना दिया। विमान ने पहले सामान्य आपात स्थिति का संकेत 7700 भेजा और इसके तुरंत बाद 7500, जिसे विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या हाईजैक का संकेत माना जाता है। इसके बाद इजराइल ने लड़ाकू विमान अलर्ट किए और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
घटना के बाद सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। बाद की रिपोर्टों में दावा किया गया कि ओमान के नागरिक सह-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। भारतीय मूल के कप्तान की भूमिका को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। हालांकि, फ्लाईदुबई ने अभी घटना की पूरी आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की है। आइए जानते हैं कि कौन है वो कैप्टन? 8 Point में समझते हैं पूरा खेल...
Who Is Captain Smit Machchhar : कैप्टन स्मित मच्छर कौन हैं?
लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छर एक अनुभवी भारतीय एयरलाइन पायलट हैं, जिनके पास कमर्शियल एविएशन में 13 साल से अधिक का अनुभव है। वह वर्तमान में फ्लाईदुबई (flydubai) में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर Boeing 737 फ्लीट का संचालन कर रहे हैं। उनके प्रोफेशनल प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने अब तक करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है। कैप्टन स्मित ने अपने एविएशन करियर की शुरुआत स्पाइसजेट से की थी। जून 2011 से जून 2022 तक करीब 11 वर्षों तक उन्होंने एयरलाइन में कमांडर के तौर पर काम किया। इस दौरान वह नवंबर 2020 से जून 2022 तक लाइन ट्रेनिंग कैप्टन भी रहे। इस भूमिका में उन्होंने पायलटों की ट्रेनिंग, चेकिंग और मेंटरिंग के साथ-साथ कंपनी की SOPs और सुरक्षा मानकों के पालन पर काम किया।

उनके अनुभव में Boeing 737-800 और Boeing 737 MAX 8/9 विमान शामिल हैं। प्रोफाइल के अनुसार, स्पाइसजेट में उन्होंने 9,500 से अधिक घंटे उड़ान भरी, जिसमें 6,400 से ज्यादा घंटे पायलट-इन-कमांड (PIC) के रूप में थे। कैप्टन स्मित की विशेषज्ञता में लाइन ट्रेनिंग, Crew Resource Management (CRM), फ्लाइट स्टैंडर्ड्स, सेफ्टी कंप्लायंस और हाई-वर्कलोड परिस्थितियों में नेतृत्व शामिल है। एजुकेशन की बात करें तो, उन्होंने Welingkar Institute of Management से Bachelor of Business Administration (BBA) किया है। जून 2022 से वह दुबई स्थित फ्लाईदुबई के साथ कैप्टन के तौर पर जुड़े हुए हैं।
अब आइए 8 Point में समझें कैसे क्या हुआ?
1. दुबई से उड़ा विमान, कुछ देर बाद भेजा इमरजेंसी सिग्नल
फ्लाइट FZ1073 बुधवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान अचानक विमान से 7700 कोड प्रसारित हुआ। एविएशन में इसका इस्तेमाल सामान्य आपात स्थिति के लिए किया जाता है। लेकिन इसके बाद 7500 कोड भेजे जाने से स्थिति गंभीर हो गई। यह कोड विमान के साथ संभावित 'unlawful interference' यानी गैरकानूनी हस्तक्षेप की ओर संकेत करता है और हाईजैक की आशंका पैदा कर सकता है।

2. विमान अचानक हजारों फीट नीचे आया
इसी दौरान फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में विमान की ऊंचाई में तेज गिरावट दर्ज हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान लगभग 34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से 17 हजार फीट नीचे आया। इस अचानक बदलाव ने हाईजैक की आशंका को और बढ़ा दिया।
3. कॉकपिट में आखिर हुआ क्या?
शुरुआती जानकारी में इसे दोनों पायलटों के बीच हुई हिंसक झड़प बताया गया। लेकिन बाद में इजराइली अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में कहानी ज्यादा गंभीर बताई गई। Reuters के मुताबिक, एक ओमानी नागरिक सह-पायलट पर कप्तान को चाकू मारने और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। यानी मामला सिर्फ दो पायलटों के बीच विवाद तक सीमित था या यह जानबूझकर विमान पर कब्जे की कोशिश थी, यह जांच का अहम सवाल बन गया है।
4. क्या कप्तान पर चाकू से हमला हुआ?
यात्रियों के बयानों में विमान के भीतर चीख-पुकार और कॉकपिट में खून दिखाई देने की बात सामने आई है। एक यात्री ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद वहां एक घायल पायलट और चाकू दिखाई दिया। यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, कप्तान और सह-पायलट दोनों घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
5. भारतीय कप्तान की भूमिका को लेकर क्या सामने आया?
विमान के कप्तान भारतीय मूल के थे और उन्होंने संकट के दौरान विमान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फ्लाईदुबई ने कहा है कि विमान सुरक्षित रूप से तबुक पहुंचा और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
6. इजराइल ने फाइटर जेट क्यों भेजे?
विमान से 7500 कोड मिलने के बाद इजराइली सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया। संभावित हाईजैक की आशंका को देखते हुए इजराइल ने लड़ाकू विमान रवाना किए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने घटना को लेकर सुरक्षा अधिकारियों के साथ परामर्श किया और स्थिति पर नजर रखी। यानी उस समय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि क्या विमान पर किसी ने जबरन कब्जा कर लिया है।
7. विमान इजराइल के बजाय सऊदी अरब क्यों पहुंचा?
संकट के बाद फ्लाइट को तेल अवीव की जगह सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया। विमान ने तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। सऊदी एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, विमान ने करीब 8:44 बजे आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया और लगभग 9:45 बजे सुरक्षित उतरा। दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि विमान सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
8. क्या यह 9/11 जैसा हमला था?
चैनल 12 से इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आशंका जताई गई है कि अगर विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश सफल होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बताया कि 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी।