गृह मंत्री विजय शर्मा ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। NCLI डैशबोर्ड में सुधार पर जताई खुशी, FIR से कोर्ट तक प्रक्रिया तेज करने के निर्देश।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा
- Published: 07 Sep 2026, 08:19 PM IST
- Last Updated: 07 Sep 2026, 08:19 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इसके लिए कानून के अनुरूप जरूरी व्यवस्थाएं तय समय में पूरी की जानी चाहिए।
एनसीएलआई डैशबोर्ड में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन पर संतोष
बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (NCLI) डैशबोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा की गई। छत्तीसगढ़ की स्थिति में हुए सुधार पर विजय शर्मा ने संतोष जताया। उन्होंने डैशबोर्ड में दर्ज सभी मापदंडों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगातार किए जा रहे प्रयासों से जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब इसी गति को बनाए रखते हुए सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।
FIR से चार्जशीट और कोर्ट तक ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर
गृह मंत्री ने पुलिसिंग की कार्यप्रणाली में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने FIR और चार्जशीट को सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जांच से लेकर न्यायालय में विचारण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने सभी थानों को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) और ई-साक्ष्य के इस्तेमाल के लिए तकनीकी एवं कार्यात्मक रूप से तैयार करने को कहा। इसके अलावा ई-समन की तामील समय पर कराने और निर्धारित समय-सीमा में चार्जशीट ऑनलाइन कोर्ट में प्रस्तुत करने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

लंबित अधिसूचनाओं और प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने कहा
प्रशासकीय सुधार के तहत लंबित अधिसूचनाओं और आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। विजय शर्मा ने कहा कि केवल तकनीकी ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नई व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षित और सक्षम बनाना भी जरूरी है।उनके मुताबिक मैदानी स्तर पर दक्षता बढ़ने से ही नए आपराधिक कानूनों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सकेगा।
तकनीकी अड़चनों के समाधान पर भी चर्चा
बैठक में नए आपराधिक कानूनों के साथ CCTNS और Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के क्रियान्वयन में सामने आ रही राज्य स्तरीय दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। विजय शर्मा ने BPR&D, NCRB और NIC के अधिकारियों के साथ तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक समस्याओं के समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में केंद्रीय स्तर से सहयोग या तकनीकी सहायता की जरूरत है, उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जल्द हल कराया जाए।
क्या है NCLI डैशबोर्ड?
नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (NCLI) डैशबोर्ड केंद्रीय गृह मंत्रालय का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से देशभर में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।
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