अनूपपुर के केवई नदी में डूबने से 13 साल के किशोर की मौत के मामले में भालूमाड़ा पुलिस ने ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना 28 जून की है। किशोर छह दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने नदी पर गया था। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और उ
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पुलिस जांच में निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं मिलने के बाद सोमवार को ठेकेदार पलास श्रीवास्तव और इंजीनियर नीरज सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

6 दोस्तों के साथ पंप घाट पहुंचा था किशोर
पुलिस के मुताबिक, गेट दफाई वार्ड नंबर 13 निवासी 13 वर्षीय शिवम गुप्ता छह दोस्तों के साथ पंप घाट केवई नदी पहुंचा था। 28 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे सभी बच्चे टूटे हुए स्टाप डैम के पास नहा रहे थे।
बच्चे स्टाप डैम से निकली लोहे की रॉड में कपड़ा बांधकर उसके सहारे नदी में उतर रहे थे। इसी दौरान शिवम का हाथ कपड़े से छूट गया और वह गहरे पानी में चला गया।
दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद शिवम को नदी से बाहर निकाला गया और क्षेत्रीय चिकित्सालय कोतमा-कॉलरी ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
स्टाप डैम के नीचे बना था गहरा गड्ढा
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि केवई नदी में नल-जल योजना के तहत स्टाप डैम और इंटेक वेल का निर्माण कार्य चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, स्टाप डैम टूटा हुआ था और उसके नीचे से रेत निकाल दी गई थी। इससे स्टाप डैम के नीचे गहरा गड्ढा बन गया था। पुलिस ने निर्माण स्थल की स्थिति और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की।
बैरिकेडिंग, फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड नहीं थे
पुलिस जांच के मुताबिक, निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। वहां न तो बैरिकेडिंग थी और न ही फेंसिंग की व्यवस्था थी।
इसके अलावा लोगों को खतरे की जानकारी देने के लिए चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए थे। निर्माण स्थल पर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था भी नहीं थी। बच्चों को नदी में जाने से रोकने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
पुलिस ने जांच में इन सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को गंभीर माना और निर्माण स्थल की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों की भूमिका की जांच की।
नागपुर की कंपनी ने दिया था पेटी कॉन्ट्रैक्ट
थाना प्रभारी राधिका भगत ने बताया कि नल-जल योजना के तहत निर्माण कार्य मेसर्स सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर को मिला था। कंपनी ने यह काम पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर ठेकेदार पलास श्रीवास्तव को दिया था।
निर्माण कार्य की देखरेख इंजीनियर नीरज सेन कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, निर्माण स्थल पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करना भी निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों की जिम्मेदारी थी।
सुरक्षा इंतजाम नहीं करना माना लापरवाही
पुलिस ने निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने को लापरवाही माना है। जांच में सामने आया कि खुले निर्माण क्षेत्र और नदी के आसपास बच्चों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं थी।
इसी आधार पर पुलिस ने ठेकेदार पलास श्रीवास्तव और इंजीनियर नीरज सेन के खिलाफ BNS की धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
क्या है BNS की धारा 106(1)?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) लापरवाही या जल्दबाजी में किए गए ऐसे कार्य से संबंधित है, जिससे किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और मामला गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता।
इस मामले में पुलिस ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने और इसे लापरवाही मानते हुए ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ इसी धारा के तहत कार्रवाई की है।