September 4, 2026

अमेरिका का मोस्ट वांटेड जालंधर में गिरफ्तार, कौन है मंजीत सिंह बेदी? FBI को क्यों उसकी तलाश

Sep 04, 2026 05:46 pm ISTएएनआई, जालंधर

Follow us on Google News

share

भारतीय मूल के मंजीत सिंह बेदी ने वॉशिंगटन में अपने किराना स्टोर के जरिए अमेरिका की एक सरकारी कल्याणकारी योजना में करोड़ों का घोटाला किया है। वह FBI द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था।

Manjit Singh Bedi

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने मंजीत सिंह बेदी पर 6,00,000 डॉलर के फ्रॉड का आरोप लगाया है।

पंजाब में संगठित अपराध नेटवर्क और भगोड़ों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मंजीत सिंह बेदी नाम के एक ऐसे भगोड़े को गिरफ़्तार किया है, जो अमेरिका में हुए बेनिफ़िट फ़्रॉड (लाभ से जुड़े धोखाधड़ी) के मामले में वॉन्टेड है। बताया जा रहा है कि अमेरिका में SNAP (सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम) बेनिफ़िट फ़्रॉड मामले के सिलसिले में बेदी का नाम अमेरिका के 'मोस्ट-वॉन्टेड फ़्रॉडस्टर्स' (धोखाधड़ी करने वाले सबसे ज़्यादा वांछित लोगों) की लिस्ट में शामिल किया गया था।

पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को बताया कि बेदी अमेरिका में सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम लाभों से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में वांछित था और उसका नाम अमेरिका की सर्वाधिक वांछित धोखाधड़ी आरोपियों की सूची में भी बताया गया था। यादव के मुताबिक आरोपी कानून से बचने के लिए अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत भाग आया था। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने और विदेशों में कानून से बचने के लिए भारत आने वाले भगोड़ों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीमाएं पार कर न्याय से बचना संभव नहीं होगा।

1.5 लाख डॉलर का था इनामी

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने मंजीत सिंह बेदी पर 6,00,000 डॉलर के फ्रॉड का आरोप लगाया है। अमेरिका में किराना दुकान चलाने वाले इस भारतीय मूल के व्यक्ति पर FBI ने 1.5 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। आरोप है कि वह कानून से बचने के लिए अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत भाग आया था।

कौन है मंजीत सिंह बेदी?

भारत में जन्मे (अब अमेरिकी नागरिक ) मंजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन के टाकोमा में एशियन ग्रोसरी स्टोर नाम से किराने की एक दुकान चलाता था। आरोप है कि वह सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के प्रतिभागियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड के माध्यम से भोजन बेचता था। हालांकि, प्रतिभागियों को भोजन बेचने के बजाय, बेदी पर आरोप है कि वह उनके कार्ड स्वाइप करके उन्हें नकद देता था और आधी रकम खुद रख लेता था।" उदहारण के लिए 100 डॉलर का ट्रांजेक्शन करके 50 डॉलर खुद रख लेता था और 50 डॉलर ग्राहक को दे देता था।

कनाडा के रास्ते भागकर आया भारत

एफबीआई का कहना है कि ग्राहकों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर कार्ड स्वैप करके बेदी ने मार्च 2024 से लेकर जून 2025 के बीच यह फ्रॉड लगातार किया। FBI के अनुसार , बेदी ने लगभग 6,00,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 5.66 करोड़ रुपये का अमेरिकी सरकार के साथ फ्रॉड किया है। “वायर फ्रॉड और SNAP लाभ धोखाधड़ी के आरोप में अभियोग लगने के बाद, बेदी को बिना गिरफ्तार किए अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी और उसे अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और वॉशिंगटन में ही रहने का आदेश दिया गया था। लेकिन बेदी जल्द ही सीमा पार करके कनाडा चला गया और फिर वहां से भारत भाग गया। इस साल मई में वाशिंगटन के पश्चिमी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय द्वारा बेदी के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। हालांकि, अब बेदी जालंधर पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।