आजकल फैटी लिवर की समस्या आम हो गई हैं, बदलता लाइफस्टाइल, भागदौड़ भरी लाइफ और अलग-अलग तरह का जंक फ़ूड इसका कारण है. इन्हीं वजह से कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. फैटी लिवर तब होता हैं जब आपके लिवर सेल्स में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाए. यह दो तरह के होते हैं एक फैटी लिवर डिजीज और एक नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD). भारत में ज्यादातर नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के मामले मिलते हैं.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनका लिंक मोटापा, डायबिटीज या तो ख़राब लाइफस्टाइल से जुड़ा होता हैं. लोग फैटी लिवर को हल्के में लेते हैं पर ये समस्या हमारे शरीर को धीरे-धीरे बीमारियों का घर बना देती है. अब सवाल रहता है कि क्या फैटी लिवर को बिना दवा के भी रिवर्स किया जा सकता है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं…
क्या रिवर्स हो सकता है फैटी लिवर?
डॉ. नवीन कुमार (सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल) कहते हैं कि कुछ केस में मरीज बिना दवा के भी ठीक हो सकता हैं. लेकिन यह बात फैटी लिवर किस स्टेज पर हैं. ग्रेड वन फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए बहुत जरूरी हैं पेशेंस एंड कंट्रोल डाइट. एक्सपर्ट कहते हैं कि वेट लॉस से भी लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद कर सकता हैं लेकिन क्रैश डाइटिंग न करें.
डाइट कंट्रोल करना बहुत जरूरी हैं लेकिन सबसे जंक फ़ूड, तला हुआ फूड को कम करें. इसके साथ ही फल, हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट्स, दाल प्रोटीन ज्यादा लें. डाइट के साथ साथ एक्सरसाइज भी काफी जरूरी हैं कोई भी फिजिकल एक्टिविटी इसको कम करने मदद कर सकती हैं. साइकिलिंग, वॉकिंग या स्विमिंग यह सब अपने डेली रूटीन में ऐड करने से फैटी लिवर काफी तेजी से कम हो सकता है.
कब डॉक्टर को दिखाना है जरूरी
हालांकि, हर फैटी लिवर लाइफस्टाइल ठीक करने से सही हो जाए ऐसा जरूरी नहीं हैं. अगर किसी मरीज को डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, ज्यादा लिवर एंजाइम या लिवर फाइब्रोसिस जैसी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच जरूरी हो जाती है.
कुछ मामलो में डाइट और एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं होते, मेडिकेशन की ज़रूरत पड़ सकती हैं. इसलिए कभी फैटी लिवर होने पर घबराये नई लाइफस्टाइल पर ध्यान दे और डॉक्टर से सलाह लें और आप इसे शुरुआत से ही इंप्रूव कर सकते हैं.

मनीष रायसवाल
मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी. अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं. मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.
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