दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता करने के दावे से वायरल हो रही तस्वीरें असल में फर्जी हैं। इन तस्वीरों को एआई की मदद से बनाकर तैयार किया गया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मतदाता सूची में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने जोरदार प्रदर्शन किए हैं। साथ ही, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। अब इसी प्रदर्शन से जोड़कर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी करती पुलिस की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन्हें शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ की गई बदसलूकी की ये तस्वीरें हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीरों को फर्जी पाया। इन तस्वीरों को एआई की मदद से बनाकर तैयार किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Goojarpur Ke Namune’ ने 12 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “दिल्ली में तो हद पार हो गई महिलाओ के साथ अत्याचार।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

एक अन्य फेसबुक यूजर ‘Ghanshyam Rajput’ ने 11 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हम भारतीय लोकतंत्र में विश्वास करते हैं ऐसा भारतीय लोकतंत्र तो नहीं चाहा था विश्व गुरु की सरकार।”
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फेसबुक यूजर ‘जगदीश प्रसाद’ ने 11 अक्टूबर 2026 को एक अन्य तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “महिलाओं के कपड़े भी फाड़ रही है पुलिस।”
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फेसबुक यूजर ‘सतीश कसेरा सतीश कसेरा’ ने 12 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हमारे मोदी जी अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री सीएम रेखा गुप्ता की पुलिस गृह मंत्री हो तो ऐसा नहीं छोड़ेंगे हम किसी को औरत को क्या बच्चा हो बाली को अथवा नाबालिक सबको पीटेंगे दोबारा धरना प्रदर्शन का नाम ही नहीं देंगे सब पाकिस्तान से आए हुए लोग हैं जिनको पाकिस्तानी समझकर पुलिस पीट रही है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
सभी वायरल तस्वीरों में पीड़ित महिला और पुलिसकर्मी के चेहरे एक जैसे नजर आ रहे हैं। ऐसे में हमें सभी तस्वीरों के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया, लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली।
पहली तस्वीर
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल ‘Hive Moderation’ की मदद ली। इस टूल ने वायरल तस्वीर को बनाने में करीब 100 फीसदी एआई के इस्तेमाल की संभावना जताई।

दूसरी तस्वीर
हमने दूसरी तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए एआई डिटेक्शन टूल ‘Undetectable AI’ की मदद ली । इस टूल ने फोटो को बनाने में 99 फीसदी तक एआई के इस्तेमाल के संकेत दिए।

तीसरी तस्वीर
हमने तीसरी तस्वीर के बारे में जानने के लिए एआई डिटेक्शन टूल ‘AI or Not’ की मदद से इसेसर्च किया। इस टूल के एनालिसिस के अनुसार, 96 फीसदी तक फोटो के एआई से बने होने की संभावनाएं हैं।

चौथी तस्वीर
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल ‘Site Engine’ की मदद ली। इस टूल ने चौथी वायरल तस्वीर को बनाने में 99 फीसदी तक एआई के इस्तेमाल होने के संकेत दिए।

अधिक जानकारी के लिए हमने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों को कवर करने वाले ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर निमेश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि सभी वायरल तस्वीरें फर्जी हैं और इनका किसी भी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के विवाद को लेकर दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। कांग्रेस सहित प्रमुख विपक्षी दलों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
इस प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर कथित बर्बरता के आरोप लगाए हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाते हुए दिल्ली पुलिस को तलब भी किया है। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पर पढ़ें।
अंत में हमने वायरल तस्वीर शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘Goojarpur Ke Namune’ के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं और वह 27 अगस्त 2023 से फेसबुक पर सक्रिय है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता करने के दावे से वायरल हो रही तस्वीरें असल में फर्जी हैं। इन तस्वीरों को एआई की मदद से बनाकर तैयार किया गया है।
- Claim Review : जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस के महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता करने की तस्वीरें।
- Claimed By : FB User Goojarpur Ke Namune
- Fact Check : झूठ
Our Sources
- AI Detection Tool Hive Moderation
- AI Detection Tool Undetectable AI
- AI Detection Tool Sight Engine
- AI Detection Tool AI or Not
- News Report by NBT, Dated 13 Oct 2026
- News Report by NDTv, Dated 13 Oct 2026
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