जांच में पता चला कि भारतीय पायलट स्मित मछार के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो फेक है। बुर्ज खलीफा पर उनकी कोई तस्वीर नहीं लगाई गई है। वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाकर शेयर किया गया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की वजह से दुबई से तेल अवीव जा रहा फ्लाईदुबई का विमान हाईजैक होने से बच गया, जिसकी वजह से 174 यात्रियों की जान बच गई।
अब सोशल मीडिया पर स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ करते हुए एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसमें दुबई के बुर्ज खलीफा पर भारतीय पायलट को दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे असली वीडियो मानकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। पड़ताल में यह फर्जी साबित हुआ। दरअसल, वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाकर झूठे दावे के साथ शेयर किया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘P.N.Rai (@PNRai1)’ ने 5 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “दुबई के बुर्ज खलीफा पर एक सनातनी हिंदू पायलट स्मिथ मच्छड़ ने भारत का नाम रोशन कर दिया। कांग्रेसियों, सपाइयों लालूवाइयो ममताइयो वामपंथियों आपियों कॉकरोचों, सच्चा भारतीय बनो, भारत का नाम रोशन करो।”
दुबई के बुर्ज खलीफा पर एक सनातनी हिंदू पायलट स्मिथ मच्छड़ ने भारत का नाम रोशन कर दिया।
कांग्रेसियों, सपाइयों लालूवाइयो ममताइयो वामपंथियों आपियों कॉकरोचों,
सच्चा भारतीय बनो, भारत का नाम रोशन करो। pic.twitter.com/xDcFkSATcc
— P.N.Rai (@PNRai1) October 5, 2026
इस वीडियो को जम्मू-कश्मीर भाजपा के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर भी अपलोड किया गया।
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की शुरुआत में सबसे पहले कीवर्ड सर्च किया। हमें किसी भी न्यूज वेबसाइट पर वायरल वीडियो से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली। यदि भारतीय पायलट की तस्वीर या वीडियो बुर्ज खलीफा पर प्रदर्शित किया गया होता, तो यह जरूर खबरों में आता। इससे हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने का शक हुआ।
इसी के आधार पर विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करने का निर्णय किया। सबसे पहले ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का यूज किया गया। वायरल वीडियो को इस टूल की मदद से चेक करने पर पता चला कि यह एआई की मदद से बनाया गया है। हाइव मॉडरेशन के नतीजों में इसे 81.7% से अधिक एआई-निर्मित बताया गया।

अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। सिंथआईडी की एनालिसिस वायरल वीडियो के गूगल एआई की मदद से बनाए जाने की पुष्टि करती है। इस एनालिसिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने की पुष्टि होती है। सिंथआईडी (SynthID) गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए किसी भी AI-जेनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उसकी पहचान करने का एक टूल है।

डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट ने ‘Hive’s AI Image + Deepfake Classifier’ टूल के जरिए भी वायरल वीडियो को चेक किया। इसमें भी वीडियो के एआई से बनने होने की पुष्टि हुई।

क्या है संदर्भ?
30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश हुई थी। ‘जागरण डॉट कॉम’ पर 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि इस विमान को क्रैश करने का मंसूबा था। को-पायलट ने पायलट स्मित मछार पर पीछे से हमला कर दिया था। हालांकि, भारतीय पायलट की बहादुरी से 174 यात्री सकुशल अपनों के पास पहुंच पाए।
खबर के अनुसार, “फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी, तभी अचानक उसने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और 17,000 फीट से अधिक का तेज गोता लगाया। विमान में 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्री और क्रू सवार थे। कॉकपिट में संघर्ष के दौरान यात्रियों और क्रू ने मिलकर विमान को सीधे क्रैश होने से बचा लिया, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।” एनडीटीवी डॉट कॉम की 3 अक्टूबर की खबर के अनुसार, दुबई के क्राउन प्रिंस ने मछार से मुलाकात की थी।
जांच के अंत में फर्जी वीडियो शेयर करने वाले एक्स यूजर की जांच की गई। यूजर बैंगलोर का रहने वाला है। इसे एक्स पर 18 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। इस हैंडल को 2013 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि भारतीय पायलट स्मित मछार के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो फेक है। बुर्ज खलीफा पर उनकी कोई तस्वीर नहीं लगाई गई है। वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाकर शेयर किया गया है।
Our Sources
- AI Detection Tool Hive Moderation
- AI Detection Tool SynthID
- News Report by jagran.com, Dated 1 Oct 2026
- News Report by ndtv, Dated 3 Oct 2026
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