July 16, 2026

Fact Check: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्ढे के नाम पर वायरल की गई AI तस्वीर

विश्वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। दिल्‍ली से देहरादून के बीच बने नए एक्‍सप्रेसवे पर गड्ढे होने के दावे से एआई तस्वीर वायरल की जा रही है।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें हाईवे को टूटा हुआ दिखाया गया है।

साथ ही, तस्वीर में पानी भरा हुआ भी दिखाया गया है। इस तस्वीर को शेयर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल खड़ा करते हुए दावा किया जा रहा है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंस गई है और गड्ढे हो गए हैं।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल तस्वीर फेक है। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है। हालांकि, यह सही है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ ही इस नए एक्सप्रेसवे पर कुछ जगह गड्ढे देखे गए थे।

क्‍या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘Kumar R Talukdar🇮🇳’ ने 12 जुलाई 2026 को एक तस्वीर शेयर किया। इसमें दावा किया गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने और गड्ढे बनने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच शुरू हो चुकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क धंसने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और जिम्मेदार कौन है। करोड़ों की लागत से बना एक्सप्रेसवे… सड़क धंस गई, गड्ढे पड़ गए। क्या निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठने चाहिए?”

https://twitter.com/Kumarjyoti49291/status/2076448592643146199

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें यह तस्वीर कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के अलावा कहीं नहीं मिली। यदि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर इस प्रकार के गड्ढे बने होते, तो यह खबर मीडिया में कहीं न कहीं पब्लिश हुई होती।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल फोटो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल की मदद से स्कैन करने पर 99.9 फीसदी से ज्यादा संभावना इस बात की जताई गई कि तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

हमने एक अन्य टूल ‘साइट इंजन’ की मदद से भी फोटो को सर्च किया। साइट इंजन के एनालिसिस में भी 99 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत सामने आए।

जब वायरल तस्वीर को ‘Truth Scan’ टूल की मदद से चेक किया गया, तो इसने भी इसे एआई-निर्मित बताया। इसके एनालिसिस में 97 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना व्यक्त की गई।

गौरतलब है कि मानसून के बाद देशभर से कई हाईवे के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आई थीं। ‘जागरण डॉट कॉम’ की 13 जुलाई 2026 की एक खबर में बताया गया, “एक्सप्रेसवे के निर्माण के महज ढाई माह के अंदर पहली बरसात में ही मुजफ्फरनगर के ग्राम खेड़ा मस्तान के निकट दो गड्ढे हो गए थे, जिनकी चपेट में आने से चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद बरसात होने से कॉरिडोर के किनारे गड्ढों की भरमार हो गई थी। गांगनौली के निकट तो कॉरिडोर के किनारे मिट्टी खिसकने से गहरे गड्ढे हो गए थे। इसके बाद दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष जांच दल ने तकनीकी ऑडिट शुरू किया। बरसात में हुए कॉरिडोर में गड्ढे की खबरों पर एनएचएआई के अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए तकनीकी ऑडिट कराने का निर्णय लिया था।”

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एबीपी न्यूज’ को दिए गए इंटरव्यू में माना कि पहली बारिश में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर गड्ढे हुए थे। इसके लिए उन्होंने पानी के ड्रेनेज सिस्टम को जिम्मेदार बताया। इस जवाब को न्यूज चैनल के यूट्यूब चैनल पर 14 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया और उनके साथ वायरल तस्वीर शेयर किया। उन्होंने इसे एआई-निर्मित बताया। उन्होंने हमें बताया कि यदि तस्वीर को ध्यान से देखा जाए तो इसमें कारें दाएं ओर चल रही हैं, लेकिन रोड साइन पीछे की ओर इशारा कर रहा है। इस तरह की खामियां अक्सर एआई से बनी तस्वीरों में होती हैं।

क्‍या है संदर्भ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में किया था। इसके बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में पढ़ा जा सकता है। ‘जागरण डॉट कॉम’ ने भी 14 अप्रैल 2026 को इसे लेकर एक खबर प्रकाशित की थी।

जांच के अंत में एक्स यूजर की सोशल स्‍कैनिंग की गई। पता चला कि यह हैंडल 2025 में बनाया गया था। इसके पांच हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। दिल्‍ली से देहरादून के बीच बने नए एक्‍सप्रेसवे पर गड्ढे होने के दावे से एआई तस्वीर वायरल की जा रही है।

  • Claim Review : दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीर।
  • Claimed By : X User Kumar Jyoti
  • Fact Check : झूठ

Our Sources

  1. Hive Moderation AI Tool
  2. Sight Engine AI Tool
  3. Truth Scan AI Tool 
  4. News Report of Jagran.com, Dated 13 Jul 2026 
  5. Video of ABP News, Dated 14 Jul 2026 
  6. Press Note of PIB, Dated 14 Apr 2026 
  7. News Report of Jagran.com, Dated 14 Apr 2026 

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