मंथली F&O एक्सपायरी में बड़ा बदलाव! सोमवार को होगी एक्सपायरी, रोलओवर और ट्रेडिंग के लिए अपनाएं ये खास स्ट्रेटेजी
Published: Wednesday, September 23, 2026, 8:33 [IST]
ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बनाने से पहले कैलेंडर में हुए एक बड़े बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। अब मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी गुरुवार के बजाय महीने के आखिरी सोमवार को होगी। सितंबर 2026 की बात करें, तो अब एक्सपायरी 24 सितंबर (गुरुवार) को न होकर 28 सितंबर (सोमवार) को होगी। जैसे-जैसे कॉन्ट्रैक्ट्स अक्टूबर सीरीज में शिफ्ट होंगे, आज से ही रोलओवर गतिविधियों में तेजी आने और सोमवार को बाजार बंद होने तक इसके और मजबूत होने की उम्मीद है।
अलग-अलग इंडेक्स की वीकली एक्सपायरी अब अलग-अलग दिनों पर होती है—जैसे निफ्टी की सोमवार को और बैंक निफ्टी की बुधवार को। इस वजह से अब गुरुवार मुख्य एक्सपायरी का दिन नहीं रहा, फिर भी रोलओवर से जुड़ा कैश फ्लो कीमतों को प्रभावित कर सकता है। NSE की वेबसाइट पर लाइव ओपन इंटरेस्ट (OI) पर नजर रखें। मैक्स पेन (Max Pain) और पुट-कॉल रेशियो (PCR) को केवल बाजार के माहौल को समझने के लिए इस्तेमाल करें, इसे सटीक भविष्यवाणी न मानें।

मंथली F&O एक्सपायरी, मैक्स पेन और PCR: आज किन बातों पर रखें नजर
उन स्ट्राइक प्राइस पर फोकस करें जहां मैक्स पेन ज़ोन के आसपास कॉल और पुट ओपन इंटरेस्ट जमा हो रहे हैं। करंट (स्पॉट) प्राइस के पास पुट राइटिंग बढ़ने का मतलब है कि उस लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ज्यादा कॉल राइटिंग ऊपर के स्तरों पर दबाव का इशारा करती है। इंट्राडे में पुट-कॉल रेशियो (PCR) के उतार-चढ़ाव से बाजार का सेंटिमेंट समझें, लेकिन किसी एक ही आंकड़े पर पूरी तरह निर्भर न रहें। रोलओवर के दिनों में OI डेटा तेजी से बदलता है, इसलिए इसे बार-बार चेक करते रहें।
बैंक निफ्टी और मिडकैप्स: रोलओवर, सेक्टोरल चाल और ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी
बैंक निफ्टी की वीकली एक्सपायरी कल खत्म हो चुकी है, इसलिए अब देखना होगा कि बैंकिंग शेयर अक्टूबर सीरीज में कैसा प्रदर्शन करते हैं। रोलओवर के समय सरकारी बैंकों और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील मिडकैप शेयरों में ज्यादा हलचल (हाई बीटा) देखने को मिलती है। मजबूत शेयरों में लॉन्ग रोलओवर और ओवरबॉन्ड रेजिस्टेंस लेवल पर बिकवाली का रुख देखें। नेकेड ऑप्शन सेलिंग (Naked Option Selling) से बचें; इसके बजाय इंट्राडे लिक्विडिटी को ध्यान में रखते हुए सीमित जोखिम वाली स्प्रेड स्ट्रेटेजी (Defined-risk spreads) चुनें।
एक्सपायरी के दिन ट्रेड के टाइमिंग (एग्जीक्यूशन विंडो) का बहुत महत्व होता है। सुबह करीब 9:20 बजे ओपनिंग रेंज देखें और समझें कि क्या OI डेटा प्राइस ट्रेंड के साथ मेल खा रहा है या नहीं। दोपहर 12:30 बजे के आसपास फिर से जायजा लें कि क्या ऑप्शन राइटर्स मुख्य स्ट्राइक प्राइस को बचा रहे हैं या पीछे हट रहे हैं। दोपहर 2:45 बजे के करीब तेजी से होने वाली हेजिंग और गामा स्विंग्स (Gamma Swings) पर नजर रखें, जो ट्रेंड को अचानक पलट सकते हैं। अपनी पोजीशन साइज को सीमित रखें और गैप-अप या गैप-डाउन के जोखिम से बचने के लिए प्रोटेक्टिव ऑप्शंस के साथ हेजिंग जरूर करें।
सोमवार, 28 सितंबर के लिए प्री-ओपन प्लान तैयार रखें: मैक्स पेन, सबसे ज्यादा OI वाले स्ट्राइक प्राइस और अपने स्टॉप-लॉस/इनवैलिडेशन लेवल्स तय करें। ट्रेड तभी लें जब बाजार में आसानी से निकलने (एग्जिट) जितनी लिक्विडिटी मौजूद हो। NSE के डेटा को बार-बार चेक करते रहें क्योंकि यह लगातार अपडेट होता है। ध्यान दें, यह जानकारी केवल शैक्षणिक और समाचार के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में जोखिम होता है, इसलिए खुद रिसर्च करें और रिस्क को सही तरीके से मैनेज करें।
Story first published: Wednesday, September 23, 2026, 8:33 [IST]
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