फ्रांस के राफेल ने तरंग शक्ति में दिखाई ताकत: अमेरिकी F-35 और UAE के F-16 ने भी भरी उड़ान, देखें तरंग शक्ति युद्धाभ्यास के PHOTOS - Jodhpur News
फ्रांस के राफेल ने तरंग शक्ति में दिखाई ताकत:अमेरिकी F-35 और UAE के F-16 ने भी भरी उड़ान, देखें तरंग शक्ति युद्धाभ्यास के PHOTOS
जोधपुर37 मिनट पहले
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फ्रांस का राफेल लड़ाकू विमान ने जोधपुर के आसमान में भरी उड़ान।
जोधपुर में इन दिनों आसमान सिर्फ लड़ाकू विमानों की गर्जना से नहीं गूंज रहा, बल्कि यहां दुनिया की दिग्गज वायु सेनाओं के बीच सामरिक तालमेल और साझा युद्ध क्षमता का प्रदर्शन भी हो रहा है। बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास तरंग शक्ति 2026 पूरी लय, रफ्तार और सैन्य जज्बे के साथ जारी है। जोधपुर एयरबेस पर अलग-अलग देशों के अत्याधुनिक विमान अपनी ताकत, तकनीक और ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
भूमध्य सागर में वरुणा अभ्यास के समापन के बाद फ्रांसीसी वायु सेना जोधपुर में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय तरंग शक्ति अभ्यास में हिस्सा ले रही है। 30,000 किलोमीटर से अधिक की तैनाती पूरी करने के बाद फ्रांस के पेगासे-26 मिशन में संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्रांसीसी सैन्य एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमानों की एक टुकड़ी भी शामिल हो गई है।
जोधपुर के आसमान में जब फ्रांस का घातक राफाल लड़ाकू विमान हवा का सीना चीरते हुए उड़ान भरता है, तो कॉकपिट के भीतर का नजारा सांसे थाम देने वाला होता है। आसमान की असीम ऊंचाइयों पर पायलट की नजरें स्क्रीन पर टिकी हैं, हाथ कंट्रोल स्टिक पर जमे हैं और सामने है ऑपरेशन तरंग शक्ति का वो रोमांचकारी दृश्य जहां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वायु सेनाएं एक साथ युद्धाभ्यास कर रही हैं। राफेल के कॉकपिट से दिखता यह नजारा न केवल अत्याधुनिक तकनीक और रफ्तार का अनोखा संगम है, बल्कि भारत और फ्रांस की अटूट सामरिक दोस्ती की एक जिंदा मिसाल भी पेश करता है।
फ्रांस के राफेल ने तरंग शक्ति में बढ़ाया सामरिक तालमेल।
राफेल के कॉकपिट से जोधपुर के आसमान का नजारा।
रात के अंधेरे में राफेल की गर्जना, फ्रांसीसी वायुसेना ने साझा किया खास पल
तरंग शक्ति के दौरान जोधपुर एयरबेस पर रात में भी हवाई गतिविधियां जारी हैं। एक तरफ जहाँ आसमान में गर्जना है, वहीं दूसरी तरफ इस युद्ध अभ्यास के मानवीय और भावनात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं। तरंग शक्ति में हिस्सा ले रही फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना ने सोशल मीडिया पर इस अभ्यास का एक बेहद खूबसूरत और काव्यात्मक पहलू साझा किया है।
जोधपुर एयरबेस पर नाइट-ऑपरेशन्स के दौरान अपने राफेल लड़ाकू विमान और ग्राउंड क्रू की एक आकर्षक तस्वीर पोस्ट करते हुए फ्रांसीसी वायुसेना ने लिखा कि भारत की रात की खामोशी में, जेट इंजनों के आफ्टरबर्नर की भयानक गर्जना और भीषण हवाई अभ्यास शुरू होने से ठीक पहले का यह लम्हा बेहद खास और काल्पनिक सा लगता है। इस ठहरे हुए पल में ग्राउंड क्रू और पायलट एक-दूसरे के बेहतरीन तालमेल में पूरी तरह डूब जाते हैं, जो तरंग शक्ति अभ्यास को एक अलग ही भावुक और कलात्मक पहचान देता है।
तरंग शक्ति में फ्रांस के राफेल की 10 तस्वीरें--
विमान के नोज कोन और हरे नेविगेशन लाइट का क्लोज-अप।
रात के अँधेरे में दो राफेल विमान रनवे पर खड़े
फाल्कन्स का सिपाही और उसके पीछे खड़ा राफेल – टीमवर्क की खूबसूरत तस्वीर।” राफेल का साइड व्यू, रनवे पर लाइट्स के साथ।
राफेल का विंग और टेल, हरी नेविगेशन लाइट्स के साथ रनवे पर खड़ा हुआ – रात की उड़ान के लिए तैयार।
पायलट का क्लोज-अप (हेलमेट और ऑक्सीजन मास्क पहने हुए)। आंखों में जज्बा लिए राफेल का पायलट रात की उड़ान के लिए तैयार।
हेडलाइट्स की रोशनी में राफेल का फ्रंट व्यू, हेडलाइट्स जलती हुई। जैसे रात को चीरने को तैयार हो।
राफेल को तैयार करने वाला फ्रांसीसी ग्राउंड क्रू सदस्य फ्लैशलाइट लेकर झुका हुआ काम करते हुए।
राफेल का साइड व्यू, रनवे पर लाइट्स के साथ।
फ्रांसीसी गर्व का प्रतीक – आर्मी डी ल’एयर का राफेल 152, रात में भी दबदबा कायम है। सामने से राफेल और उसके आगे हरे वेस्ट में खड़ा ग्राउंड क्रू।
भारतीय वायुसेना का संदेश: अंतर्राष्ट्रीय भाईचारे और सामरिक समझ का नया दौर
भारतीय वायु सेना ने भी इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला है। वायुसेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, पहली टेक-ऑफ से लेकर अंजाम तक पहुंचाए गए हर मिशन तक यह अभ्यास केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह हवाई ताकत, परस्पर तालमेल और अंतर्राष्ट्रीय भाईचारे को वास्तविक धरातल पर एक मंच पर लाया है।
जोधपुर के आसमान में लगातार जारी उड़ानों, दोनों देशों के जांबाज पायलटों के बीच पेशेवर जुड़ाव और साझा अनुभवों के जरिए यह आयोजन प्रतिभागी देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत कर रहा है, साथ ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सामरिक समझ को एक नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
10 तस्वीरों में देखिये ऑपरेशन तरंग शक्ति
तरंग शक्ति में अमेरिकी F-35 का जलवा।
F-35A तरंग शक्ति 2026 में पहली बार भारतीय जमीन से बड़े सैन्य अभ्यास में शामिल हुआ है।
जोधपुर के आसमान में गरजता UAE का F-16। तस्वीर में नजर आ रहा फाइटर जेट F-16 Fighting Falcon है, जिसे संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने तरंग शक्ति 2026 में शामिल किया है। यह बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले जैसे विभिन्न मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
जोधपुर एयरबेस पर भारतीय और अमेरिकी एयरफोर्स के अधिकारियों के बीच बातचीत। तरंग शक्ति 2026 का मकसद केवल विमानों की ताकत दिखाना नहीं, बल्कि अलग-अलग वायु सेनाओं के बीच सामरिक तालमेल, अनुभव साझा करना और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना भी है।
जोधपुर एयरबेस पर तैनात अमेरिकी F-35A Lightning II। यह सिंगल-इंजन, सुपरसोनिक, मल्टीरोल पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों के लिए बनाया गया है। इसकी अधिकतम गति करीब Mach 1.6 है।
F-35A के कॉकपिट में पायलट, सामने अत्याधुनिक हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम। F-35 का हेलमेट पायलट को विमान के सेंसर और टारगेटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करता है। यही सेंसर फ्यूजन इसे पांचवीं पीढ़ी का खास लड़ाकू विमान बनाता है।
मिशन से पहले F-35A के आसपास ग्राउंड क्रू की तैयारी। आधुनिक लड़ाकू विमान की ताकत सिर्फ उसकी स्पीड और हथियारों में नहीं, बल्कि पायलट, तकनीकी टीम और ग्राउंड सपोर्ट के सटीक तालमेल में भी होती है। तरंग शक्ति इसी संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता को परखने का मंच है।
जोधपुर एयरबेस के हैंगर में एक साथ नजर आए अमेरिकी F-35A। इन स्टील्थ फाइटर्स की खास डिजाइन इन्हें रडार पर पकड़ना मुश्किल बनाती है। आंतरिक हथियार भंडारण, कम रडार सिग्नेचर और अत्याधुनिक सेंसर इसकी प्रमुख खूबियां हैं।
F-35 के साथ जोधपुर एयरबेस पर अमेरिकी एयरमैन। तरंग शक्ति 2026 में अमेरिका ने छह F-35A फाइटर जेट और 200 से ज्यादा एयरमैन भेजे हैं। अभ्यास में अमेरिकी और भारतीय वायुसेना के जवान मिलकर ऑपरेशनल तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत कर रहे हैं।
जोधपुर एयरबेस पर अमेरिकी F-35A Lightning II का दमदार फ्रंट व्यू। दुनिया के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में शामिल F-35A तरंग शक्ति 2026 में पहली बार भारतीय जमीन से बड़े सैन्य अभ्यास में शामिल हुआ है। इसकी सबसे बड़ी खासियत स्टील्थ, सेंसर फ्यूजन और बेहतर सिचुएशनल अवेयरनेस है।
जर्मन A400M ने बढ़ाई ताकत, भारी सैन्य सामान ले जाने में सक्षम
अभ्यास में जर्मन वायुसेना की भागीदारी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जर्मनी ने अपने अत्याधुनिक A400M एटलस परिवहन विमान को जोधपुर एयरबेस पर तैनात किया है। यह विशाल सैन्य विमान भारी सामान और सैनिकों की आवाजाही के साथ जटिल लॉजिस्टिक्स और एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के लिए जाना जाता है।
चार टर्बोप्रॉप इंजनों से लैस A400M करीब 37 टन तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि यह अपेक्षाकृत छोटे और कच्चे रनवे से भी ऑपरेशन कर सकता है। यही क्षमता इसे कठिन सैन्य परिस्थितियों में बेहद उपयोगी बनाती है। विमान की एक और अहम क्षमता हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने की है, जिससे लंबी दूरी के हवाई अभियानों में इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
जोधपुर एयरबेस पर जर्मनी का A-400 एटलस परिवहन विमान।
चार टर्बोप्रॉप इंजनों से लैस A400M करीब 37 टन तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है।
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