October 21, 2026

Explainer: ट्रेन में स्पीकर पर रील-गाना चलाने वाले सावधान! रेलवे ने दी जेल तक की चेतावनी, सिगरेट पीने, महिला कोच में सफर करने वालें भी जानें ये नियम

Indian Railways Rules: ट्रेन में सफर के दौरान दूसरे यात्रियों की परेशानी की सबसे बड़ी वजह आजकल मोबाइल से तेज आवाज में बजते गाने, रील और लंबी फोन कॉल्स बन चुकी हैं. अब रेलवे ने इस पर सख्ती के संकेत दिए हैं. आइए आपको बताते हैं कि रेलवे ने इसे लेकर क्या नए नियम बनाए हैं और रेलवे अधिनियम में आम या​त्रियों से जुड़े ऐसे कौन से नियम हैं जो उन पर सीधा असर डालते हैं.

रेलवे ने ट्रेन में रील चलाने को लेकर आखिर क्या चेतावनी दी है?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिण रेलवे ने इस महीने अपने सभी मंडलों को एक सर्कुलर भेजा और उसकी जानकारी रेलवे बोर्ड को भी दी है. इसमें स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर स्पीकर पर संगीत या ऑडियो बजाने की समस्या को "उपद्रव" यानी न्यूसेंस बताया गया है. सर्कुलर में जुलाई 2012 के रेलवे बोर्ड के एक पुराने निर्देश का जिक्र भी है जिसमें कोच में जोर से बात करने, लंबी बातचीत करने और आपत्तिजनक रिंगटोन बजाने जैसी शिकायतों की ओर ध्यान दिलाया गया था. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम रेलवे ने भी यात्रियों को ईयरफोन इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

रेलवे स्टेशन किराना कियोस्क के नए नियम 🚉 चाय-कॉफी और पके खाने पर रोक! #IndianRailways#RailwayNews#PassengerFacilities#RailwayUpdate GroceryKiosk AllowedItems FoodSafety StationRules pic.twitter.com/ySkleFL5d9

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रेलवे के किस कानून के तहत मोबाइल चलाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है?

रिपोर्टों के मुताबिक यह कार्रवाई रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत हो सकती है, जो रेल परिसर या डिब्बों में उपद्रव और अभद्र व्यवहार से जुड़ी है. बता दें यह धारा हाल ही में जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के जरिए बदली गई है. इसके अंतर्गत दूसरे यात्रियों को असुविधा पहुंचाने वाले व्यवहार को रखा गया है.

ट्रेन में रील चलाने पर सजा कितनी हो सकती है, क्या सीधे जेल भेज दिया जाएगा?

जानकारी के मुताबिक पहले चरण में यात्री पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और उसे कोच या रेल परिसर से बाहर निकाला जा सकता है. अगर वह फिर भी यही हरकत जारी रखता है तो कानूनी कार्रवाई में 6 महीने तक की जेल का प्रावधान बताया गया है. नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद यात्रियों से उम्मीद की जाती है कि वे तेज आवाज में बात न करें और बिना हेडफोन के गाने या वीडियो न चलाएं. इस समय बोगी की मुख्य लाइटें भी बंद कर दी जाती हैं. सामान्य तौर पर टीटीई भी इस दौरान सो रहे यात्रियों को उठाकर टिकट नहीं जांचते हैं.

बिना टिकट यात्रा पर अब कितना जुर्माना है?

जन विश्वास अधिनियम 2026 के प्रावधान 20 जून 2026 से लागू माने जा रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक बिना टिकट या पास यात्रा करने या किसी और के टिकट पर सफर करने पर किराए के साथ 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. 

ट्रेन में सिगरेट-बीड़ी पीने पर क्या सजा है?

पहले धारा 167 के तहत प्रतिबंधित जगह पर धूम्रपान करने पर अधिकतम 100 रुपये जुर्माना था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है. रिपोर्टों के मुताबिक यात्री का टिकट या पास जब्त किया जा सकता है और उसे रेलवे परिसर से बाहर भी किया जा सकता है.

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महिला कोच में पुरुष घुस जाए तो क्या होगा?

महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या बर्थ में बिना वैध कारण प्रवेश करने वाले पुरुष यात्री पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. बता दें यह प्रावधान भी जन विश्वास अधिनियम के बदलावों का हिस्सा बताया गया है.

रेलवे परिसर में सामान बेचने या नशे में उपद्रव करने पर क्या नियम है?

रिपोर्टों के मुताबिक रेलवे परिसर में अवैध रूप से सामान बेचने वालों पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. वहीं, नशे की हालत में उपद्रव करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना बताया गया है. इसके अलावा रेलवे परिसर में भीख मांगने पर भी सख्त कार्रवाई की जाती है. बता दें एक रिपोर्ट के मुताबिक जन विश्वास अधिनियम में जुर्माने की राशि हर तीन साल में अपने आप बढ़ाए जाने का प्रावधान है.

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