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सार
UCC In Madhya Pradesh: यूसीसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा आरोप, कहा- जनता के हित में नहीं, बल्कि RSS के एजेंडे पर काम कर रही सरकार, ओबीसी वर्ग की अनदेखी का उठाया सवाल।

यूसीसी को लेकर बोले उमंग सिंघार (सोर्स- नवभारत लाइव)
विस्तार
Umang Singhar Statement On UCC: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के हित में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे को लागू करने का काम कर रही है।
उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सिर्फ आरएसएस के एजेंडे को पूरा कर रही है। मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो स्वयं ओबीसी वर्ग से आते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि प्रदेश के ओबीसी वर्ग को क्यों छोड़ना चाहते हैं? आखिर ओबीसी समाज के हितों की अनदेखी क्यों की जा रही है?
‘सरकार को पहले प्रदेश के किसानों और पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को पहले प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उनका आरोप था कि यूसीसी जैसे विषयों को आगे लाकर सरकार मूल जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
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मोहन सरकार ने मानसून सत्र में पेश किया यूसीसी बिल
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार ने मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किया है, जिसे लेकर सत्ता पक्ष इसे समान अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, जबकि कांग्रेस इसके कई प्रावधानों पर सवाल उठा रही है। इस मुद्दे पर विधानसभा के भीतर और बाहर सियासी बहस तेज हो गई है।
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मध्य प्रदेश बन सकता है यूसीसी लागू करने वाला चौथा प्रदेश
इस विधेयक का उद्देश्य मध्य प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है। यदि विधानसभा में चर्चा और मतदान के बाद यह विधेयक पारित हो जाता है तथा राज्यपाल की मंजूरी मिल जाती है, तो मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा। इससे पहले फरवरी 2024 में उत्तराखंड, मार्च 2026 में गुजरात और मई 2026 में असम में यूसीसी लागू किया जा चुका है।
