आजमगढ़ के दौरे पर पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आजमगढ़ में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। शनिवार को अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अतरौलिया और द
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उन्होंने 29 नवंबर को आजमगढ़ में विशाल महारैली आयोजित करने की घोषणा करते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। सम्मेलन में कोयलसा परिक्षेत्र के 45 गांवों और 96 बूथों से पहुंचे जोन प्रभारी, सेक्टर प्रभारी, सेक्टर अध्यक्ष तथा बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सुभासपा एनडीए गठबंधन के तहत आजमगढ़ की अतरौलिया और दीदारगंज सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।
29 नवंबर को आजमगढ़ में होगी महारैली ओमप्रकाश राजभर ने घोषणा की कि 29 नवंबर को आजमगढ़ में सुभासपा की ओर से विशाल महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किए जाने तथा उनके शामिल होने की बात कही गई है। पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 10-10 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने महारैली में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया।

पीडीए और ईवीएम के मुद्दे पर सपा पर हमला ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा का पीडीए सामाजिक न्याय के बजाय परिवारवाद और दौलत की राजनीति तक सीमित है। उन्होंने सपा नेतृत्व पर परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देने तथा टिकट और पदों के बंटवारे को लेकर निशाना साधा।
विपक्ष की ओर से ईवीएम और वोट चोरी को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजभर ने कहा कि विपक्षी दल वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी संभावित हार को देखते हुए अभी से ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उनके पास चुनाव में गड़बड़ी के ठोस सबूत हैं तो उन्हें जनता के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने वालों को अपने दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। राजभर ने पूजा पाल के मामले को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की बात उठाने पर पूजा पाल को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ करने वाले सपा नेताओं के खिलाफ पार्टी नेतृत्व के रवैये पर भी सवाल उठाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।