August 29, 2026

Everest हींग की ब्रिक्री पर तुरंत रोक, FSSAI की जांच में सैंपल फेल

एवरेस्ट की हींग के सैंपल मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाए गए. सबसे बड़ी गड़बड़ी अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट में मिली. नियम के मुताबिक, कंपाउंडेड हींग में यह मात्रा कम से कम 5 फीसदी होनी चाहिए.

Written By : वरुण भसीन |  Updated at : 29 Aug 2026 05:58 PM (IST)

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Everest Hing Ban FSSAI bans Sale of Everest asafoetida immediately after samples fail Everest हींग की ब्रिक्री पर तुरंत रोक, FSSAI की जांच में सैंपल फेल

Everest हींग की ब्रिक्री पर रोक

खाने-पीने की चीजों की जांच करने वाली सरकारी संस्था FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है. यह रोक कंपनी की हींग के सभी वेरिएंट पर अगले आदेश तक लागू रहेगी. FSSAI ने यह कार्रवाई जांच में हींग के तय मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद की है. इसी तरह की कार्रवाई पुरानी हींग कंपनी लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी की गई है.

क्या गड़बड़ी मिली?

FSSAI के मुताबिक, सरकारी लैब में एवरेस्ट की हींग के सैंपल जांचे गए. जांच में कुछ सैंपल मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाए गए. सबसे बड़ी गड़बड़ी अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट में मिली. नियम के मुताबिक, कंपाउंडेड हींग में यह मात्रा कम से कम 5 फीसदी होनी चाहिए, लेकिन एक सैंपल में यह मात्रा 0 फीसदी मिली. वहीं पीली हींग के एक सैंपल में यह 3.29 फीसदी और काली हींग में 4.4 फीसदी पाई गई. यानी तीनों ही तय 5 फीसदी के मानक से नीचे थे.

अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट क्या होता है?

आसान भाषा में समझें तो बाजार में मिलने वाली कंपाउंडेड हींग पूरी तरह शुद्ध हींग नहीं होती. इसमें असली हींग के साथ आटा, स्टार्च और दूसरी चीजें मिलाई जाती हैं. अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट यह बताने वाला एक पैमाना है कि इसमें असली हींग का हिस्सा कितना है यानी इसकी मात्रा जितनी कम होगी उत्पाद में असली हींग का हिस्सा उतना कम माना जाएगा. एक सैंपल में 0 फीसदी मिलना इसलिए बड़ी गड़बड़ी मानी गई.

एवरेस्ट पर पहले भी उठे सवाल

FSSAI के आदेश के मुताबिक एवरेस्ट के कुछ दूसरे प्रोडक्ट्स को लेकर भी पहले शिकायतें और नियमों की खामियां सामने आ चुकी हैं. चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर में लेबल से जुड़ी गड़बड़ियां मिलने का भी आदेश में जिक्र है. FSSAI का कहना है कि अलग-अलग जगहों से लिए गए हींग के सैंपलों में बार-बार एक जैसी समस्या मिली और अल्कोहलिक एक्सट्रैक्ट 5 फीसदी से कम पाया गया.

अब कंपनी को क्या करना होगा?

FSSAI ने कंपनी से इस मामले में एक्शन प्लान देने को कहा है. कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे सिर्फ तय मानकों के मुताबिक ही उत्पाद बेचे जाएं.  अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला या नियमों का पालन नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ आगे भी कार्रवाई हो सकती है.

2024 में भी विवाद में आया था एवरेस्ट

साल 2024 में हांगकांग और सिंगापुर में एवरेस्ट समेत कुछ मसाला ब्रांड्स के उत्पादों को लेकर एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल पर सवाल उठे थे. इसके बाद भारत में भी FSSAI ने मसालों के सैंपल लेकर जांच शुरू की थी. हालांकि मौजूदा मामला अलग है. इस बार कार्रवाई हींग के मानकों और उसकी गुणवत्ता से जुड़ी है.

FSSAI ने लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी तत्काल रोक का आदेश जारी किया है. जांच में कंपनी की कंपाउंडेड हींग के सैंपल तय मानकों के मुताबिक नहीं पाए गए.  साथ ही कंपाउंडेड हींग बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की अलग-अलग किस्मों में भी तय मात्रा से ज्यादा स्टार्च पाया गया.  FSSAI ने कहा कि यह गड़बड़ी अलग-अलग बैचों में लगातार सामने आई है. इसलिए कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री और मैन्युफैक्चरिंग पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है.
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वरुण भसीन एबीपी न्यूज़ में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. पिछले 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वे एयरलाइंस, रेलवे और सड़क-परिवहन से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इससे पहले वे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. वरुण न्यूज जगत से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाते आए हैं. वरुण ने MBM यूनिविर्सिटी जोधपुर से पढ़ाई की है. संपर्क करने के लिए मेल आईडी है- [email protected]

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Published at : 29 Aug 2026 05:44 PM (IST)

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