टेक एंड गैजेट्स
- Edited by: गौरव तिवारी
- Updated Jul 23, 2026, 06:58 PM IST
यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष टेरेसा रिबेरा ने कहा कि किसी भी उत्पाद या सेवा की सफलता उसकी गुणवत्ता के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि इस वजह से कि वह उस कंपनी की है, जिसके पास सबसे बड़ा सर्च इंजन या ऐप स्टोर है।
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ईयू ने गूगल पर लगाया भारी भरकम जुर्माना।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल गूगल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उस पर 89 करोड़ यूरो (करीब एक अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। यूरोपीय आयोग का आरोप है कि गूगल ने अपने गूगल प्ले ऐप स्टोर और सर्च इंजन का संचालन इस तरह किया, जिससे उपयोगकर्ता बार-बार उसकी अपनी सेवाओं और ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। आयोग का मानना है कि इससे दूसरी कंपनियों और ऐप डेवलपर्स को बराबरी का मौका नहीं मिला और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई।
यूरोपीय आयोग के अनुसार, डिजिटल बाजार में सभी कंपनियों को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि कोई बड़ी कंपनी अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल केवल अपनी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए करती है, तो इससे छोटे और नए कारोबारियों को नुकसान होता है। यही वजह है कि आयोग ने गूगल पर यह भारी जुर्माना लगाया है। इसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं को है पूरा अधिकार
यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष टेरेसा रिबेरा ने कहा कि किसी भी उत्पाद या सेवा की सफलता उसकी गुणवत्ता के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि इस वजह से कि वह उस कंपनी की है, जिसके पास सबसे बड़ा सर्च इंजन या ऐप स्टोर है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय उपभोक्ताओं को यह जानने का पूरा अधिकार है कि ऐप डेवलपर उन्हें सबसे बेहतर ऑफर या सदस्यता के लिए कहां पंजीकरण करने की सलाह दे रहे हैं, चाहे उससे ऐप स्टोर संचालक को कोई आर्थिक लाभ मिले या नहीं।
पहली बार नहीं लगा जुर्माना
यह पहली बार नहीं है जब गूगल को यूरोप में प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। हाल ही में कंपनी को एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़े एक अन्य मामले में भी बड़ा झटका लगा था। उस मामले में गूगल 4.5 अरब डॉलर के जुर्माने के खिलाफ दायर अपनी अपील हार गया था, जिसके बाद कंपनी को बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय संघ लगातार डिजिटल बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम उठा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी टेक कंपनियां अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल न करें और छोटे कारोबारों व उपभोक्ताओं दोनों के हित सुरक्षित रहें। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में वैश्विक डिजिटल बाजार और बड़ी टेक कंपनियों की कारोबारी नीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।
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गौरव तिवारीauthor
गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।
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