
कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी
चुनाव आयोग को लेकर इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे पर बवाल मच गया है. कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग को हाईजैक करने का आरोप लगाया. साथ ही दिल्ली और हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की. सिंघवी ने कहा कि CEC ने देश को भ्रमित किया… आज चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्था भी स्वतंत्र नहीं है.. चुनाव आयोग में बहुमत से फैसले होते हैं… लेकिन CEC ने अपने साथियों को भ्रमित किया है.’
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में एक आंतरिक बुलडोजर भी है… ज्ञानेश कुमार ने देश को सिर्फ भ्रमित नहीं किया बल्कि अपने साथियों को भ्रमित करते हुए चुनाव आयोग को हाईजैक कर लिया… सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि चुनाव आयोग एक बहुमत की संस्था है… ऐसे में सवाल है कि क्या EC डमी हैं और एक व्यक्ति विशेष ही चुनाव आयोग को चला रहा है… CEC ने फॉर्म 6 को बदलकर नियमों का उल्लंघन किया है.’
राहुल और प्रियंका भी हमलावर
इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी इस बात को लगातार उठा रहे हैं, चुनाव आयुक्तों ने खुद ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं, लोकतंत्र कहां है? इस मामले की जांच होनी चाहिए… हमें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. वहीं, इस मामले में राहुल गांधी ने कहा कि मतदान चोरी भारतीय जनता के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला… BJP, RSS और EC, जिन्होंने इसे आयोजित किया, ने देशद्रोह का कार्य किया है… न्याय होगा.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, चुनाव आयोग को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने मतदाता सूची और नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए बदलावों समेत कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ कदमों को अनधिकृत और अवैध बताते हुए अपनी आपत्तियां रिकॉर्ड पर दर्ज की थीं. इसी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर हमला बोला है.
रिपोर्ट में क्या दावा?
इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, Form 6 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया था, जिसमें नए मतदाताओं से उनके या उनके माता-पिता/दादा-दादी के पिछले SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम होने से जुड़ी जानकारी मांगी गई. रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव Registration of Electors Rules, 1960 में संशोधन के बिना किया गया.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने मई में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि Form 6 एक वैधानिक फॉर्म है और इसमें बदलाव के लिए संबंधित नियमों में संशोधन जरूरी है. बाद में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ कदमों पर आपत्ति दर्ज की. रिपोर्ट में मतदाता जोड़ने, नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े IT सिस्टम के केंद्रीकरण को लेकर भी सवालों का जिक्र है.

विशाल कसौधन
विशाल कसौधन के डिजिटल पत्रकारिता के करीब एक दशक लंबे समय की शुरुआत एनडीटीवी से हुई थी. फिर लाइव इंडिया, इंडिया वॉयस, आजतक होते हुए टीवी9 तक पहुंची है. एनडीटीवी में कंटेंट राइटर, लाइव इंडिया में सब एडिटर, इंडिया वॉयस में सीनियर सब एडिटर और आजतक में चीफ सब एडिटर पद पर काम किया. फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से टीवी9 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं और रिटेनर-स्ट्रिंगर कोआर्डिनेशन को देखते हैं. आईडिएशन और कोआर्डिनेशन के साथ ही स्पेशल स्टोरी पर काम करते हैं. विशाल को उत्तर देश की राजनीति और क्राइम पर अच्छी पकड़ है. विशाल ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एंड टेलीविजन जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है. विशाल मूलत: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं. IIMC में पढ़ाई से पहले खुद का सिटी चैनल चला चुके हैं और कई चैनल के लिए जिला संवाददाता के रूप में काम कर चुके हैं.
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