Updated On: Jul 21, 2026 | 03:58 PM IST
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सार
Ethanol Blending Policy: E20 पेट्रोल को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। जिसमें कई वाहन मालिकों के मन में यह सवाल है कि क्या 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल इंजन को नुकसान पहुंचाता है?

E20 Petrol (Source. Gemini)
विस्तार
Ethanol Blending Policy Government Reply: देशभर में अभी तक देखा गया है कि में E20 पेट्रोल को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। जिसमें कई वाहन मालिकों के मन में यह सवाल है कि क्या 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल इंजन को नुकसान पहुंचाता है? जिसको लेकर अब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में स्थिति साफ कर दी है। इस मामले को लेकर सरकार का कहना है कि देश में करोड़ों वाहन E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन अब तक इंजन खराब होने या वाहन बंद पड़ने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
बता दें कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि भारत में 23 करोड़ से अधिक वाहन E20 पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं। इनमें 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें शामिल हैं। वहीं खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे पुराने वाहनों की भी है जिन्हें E20 के लिए आधिकारिक तौर पर सर्टिफाइड नहीं किया गया था।
वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही लागू किया गया E20 पेट्रोल
मामले में सरकार ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल को अचानक लागू नहीं किया गया है। इसकी शुरुआत 2013-14 में सिर्फ 1.53% एथेनॉल ब्लेंडिंग से हुई थी। कई वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण, विशेषज्ञों की राय और चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद इसे बढ़ाकर 2025-26 में 20% तक पहुंचाया गया। इतना ही नहीं सरकार के मुताबिक हर स्तर पर लैब टेस्ट, सड़क पर परीक्षण और लंबी अवधि तक वाहन चलाकर जांच की गई। इस पूरी प्रक्रिया में नीति आयोग, ARAI, SIAM, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), तेल कंपनियों और वाहन निर्माताओं ने भाग लिया था। वहीं परीक्षण के दौरान इंजन की मजबूती, फ्यूल सिस्टम, जंग लगने की संभावना, माइलेज, प्रदूषण और वाहन की परफॉर्मेंस जैसे कई पहलुओं की जांच की गई थी।
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क्या E20 से माइलेज कम होता है? सरकार ने दिया जवाब
जवाब देते हुए सरकार ने वाहन कंपनियों के सर्विस डेटा का भी हवाला दिया। जिसमें एक प्रमुख कार निर्माता ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की जिनमें करीब 1.5 करोड़ पुराने वाहन भी शामिल थे। कंपनी ने बताया है कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन में नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। वहीं एक बड़ी दोपहिया कंपनी ने भी कहा कि E20 इस्तेमाल करने वाले वाहनों में अतिरिक्त खराबी के मामले नहीं मिले है।
लेकिन सरकार ने माना कि E10 पेट्रोल के हिसाब से बने कुछ पुराने वाहनों में माइलेज 3% से 5% तक कम हो सकता है। इसके बावजूद E20 का बेहतर ऑक्टेन इंजन में नॉकिंग कम करता है ईंधन को अधिक साफ तरीके से जलाने में मदद करता है और इंजन को स्मूद बनाए रखता है।
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फिलहाल E30 लाने की कोई योजना नहीं
आने वाले समय के लिए सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि अभी E20 से ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग लागू करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। यदि भविष्य में E30 या उससे अधिक ब्लेंडिंग पर विचार होगा तो उससे पहले वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और ऑटोमोबाइल कंपनियों समेत सभी संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा की जाएगी। साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना एथेनॉल या कम एथेनॉल वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की भी कोई योजना नहीं है। इसको लेकर सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।
