August 23, 2026

सावधान! व्हाट्सएप पर आ रहे फर्जी e-Challan मैसेज, mParivahan के नाम पर खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

सावधान! व्हाट्सएप पर आ रहे फर्जी e-Challan मैसेज, mParivahan के नाम पर खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Published: Sunday, August 23, 2026, 12:15 [IST]

व्हाट्सएप पर फर्जी ट्रैफिक चालान के मैसेज एक बार फिर तेजी से फैल रहे हैं। इस बार ठग mParivahan ऐप के नाम पर खतरनाक एंड्रॉइड APK फाइल भेज रहे हैं। चालान भरने का डर दिखाकर एक ही क्लिक में वेरिफिकेशन का झांसा दिया जाता है। ऐप इंस्टॉल होते ही यह आपके SMS, कॉल और एक्सेसिबिलिटी की परमिशन छीन लेती है, जिससे जालसाज आपके UPI अप्रूवल को भी हैक कर सकते हैं। व्हाट्सएप पर आने वाली किसी भी APK फाइल को मालवेयर (वायरस) ही समझें। अगर किसी पर्सनल नंबर या ग्रुप से ट्रैफिक पुलिस के नाम पर चालान का मैसेज आए, तो बेहद सतर्क रहें।

चालान का भुगतान करने से पहले 60 सेकंड का यह वेरिफिकेशन जरूर करें। सीधे echallan.parivahan.gov.in पोर्टल या गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक mParivahan ऐप खोलें। यहां अपनी गाड़ी का नंबर या चालान नंबर डालें। इसके बाद चालान की तारीख, लोकेशन, फोटो और ट्रैफिक नियम के उल्लंघन की धारा का मिलान करें। पेमेंट हमेशा gov.in डोमेन वाली सरकारी वेबसाइट या ऑफिशियल ऐप के अंदर ही करें। व्हाट्सएप बंद करें और मैसेज में भेजे गए किसी भी बाहरी लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।

WhatsApp e-Challan Scam: How to Identify Fake mParivahan APK and Protect Your UPI Account in 2026

mParivahan e‑Challan WhatsApp APK scam: पहचानें खतरे के निशान

असली ट्रैफिक चालान कभी भी APK फाइल के रूप में नहीं भेजा जाता। यह हमेशा नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के Parivahan e‑Challan पोर्टल या mParivahan ऐप पर ही दिखता है। बिना.gov.in डोमेन वाले लिंक और 'Unknown Sources' या एक्सेसिबिलिटी परमिशन मांगने वाले ऐप्स से पूरी तरह दूर रहें। तेलंगाना पुलिस ने भी नागरिकों को आगाह किया है कि वे सरकारी एजेंसियों के नाम पर चल रही फर्जी e‑Challan वेबसाइटों और ऐप्स के जाल में न फंसें।

UPI सुरक्षा: अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत करें ये काम

अगर आपने गलती से उस फर्जी ऐप या लिंक पर क्लिक कर दिया है, तो सबसे पहले फोन को एयरप्लेन मोड पर डाल दें। फोन की सेटिंग्स में जाकर उस फर्जी ऐप की डिवाइस एडमिन और एक्सेसिबिलिटी परमिशन हटाएं और उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें। 'Unknown Sources' से ऐप इंस्टॉल होने का ऑप्शन बंद करें और Play Protect से पूरे फोन को स्कैन करें। अपने बैंक ऐप के जरिए तुरंत नया UPI PIN बनाएं। बिना देर किए 1930 पर कॉल करें और नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं; जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे फ्रीज होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। पुलिस के लिए मैसेज, लिंक और ट्रांजैक्शन आईडी सुरक्षित रखें।

QR कोड फ्रॉड से बचाव: सुरक्षित पेमेंट के लिए डायनामिक QR का करें इस्तेमाल

पेट्रोल पंपों और दुकानों पर लगे स्टैटिक QR कोड को ठग आसानी से बदलकर अपना कोड चिपका देते हैं। इसलिए पेमेंट के लिए बिल पर छपे 'डायनामिक QR' को तरजीह दें, जिसमें मर्चेंट का नाम और सही रकम पहले से दर्ज होती है। पैसे भेजने से पहले मर्चेंट का नाम ध्यान से चेक करें, और याद रखें—पैसे पाने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। व्यापारियों को भी अपने QR स्टैंड सुरक्षित रखने चाहिए, बिलिंग सिस्टम से डायनामिक QR का इस्तेमाल करना चाहिए और रोजाना के पेमेंट का काउंटर से मिलान करना चाहिए।

Story first published: Sunday, August 23, 2026, 12:15 [IST]

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