नई दिल्ली8 घंटे पहले
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में झड़प के बाद पुलिस ने बुधवार रात फ्लैग मार्च किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों के दौरान हो रही हिंसा पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- लोकतंत्र को अपराधियों का समाज नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने इस मामले में डीयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस और सरकार से कल तक रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर उठाए गए कदमों से वह संतुष्ट नहीं हुआ, तो वोटों की गिनती और नतीजों के ऐलान पर रोक लगा दी जाएगी।
कोर्ट ने ये टिप्पणी DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा और गुंडागर्दी से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की।
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव से पहले बुधवार रात नॉर्थ कैंपस में छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। ABVP और NSUI ने एक-दूसरे से जुड़े लोगों पर अलग-अलग जगहों पर हमला करने के आरोप लगाए।
DUSU चुनाव के लिए 16 सितंबर को प्रचार खत्म हो चुका है। मतदान 18 सितंबर और मतगणना 19 सितंबर को होगी।

ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ता की पिटाई की।

हिंसा से पहले भीड़ में शामिल अज्ञात लोग हाथों में लाठियां लेकर जाते दिखे।
ABVP का दावा- सदस्य पर जानलेवा हमला, कार्यकर्ताओं से मारपीट की
ABVP ने आरोप लगाया कि लॉ सेंटर-1 (LC-1) के बाहर उसके एक सदस्य पर जानलेवा हमला किया गया। संगठन का दावा है कि हमले में कांग्रेस, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और NSUI से जुड़े लोग शामिल थे।
ABVP ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हरि मंदिर में उसके सदस्यों के घर पर NSUI कार्यकर्ताओं ने हमला किया। संगठन के मुताबिक, उस समय ABVP सदस्य शांतिपूर्ण बैठक कर रहे थे और वहां महिला छात्र सदस्य भी मौजूद थीं। ABVP ने दावा किया कि एक हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
ABVP के मुताबिक, कांग्रेस से जुड़े गैर-छात्र राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने NSUI पैनल के लिए प्रचार किया। संगठन ने बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और क्लासरूम में प्रचार पर सवाल उठाए। साथ ही छात्रों को प्रभावित करने के लिए पैसे के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
NSUI का दावा- आदिवासी छात्र पर हमला हुआ
वहीं, NSUI ने आरोप लगाया कि मोतीलाल नेहरू कॉलेज के बाहर उसके आदिवासी छात्र सदस्य पर ABVP से जुड़े लोगों ने हमला किया।
संगठन ने घटना की जांच और कार्रवाई की मांग की। NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि हनुमान पांडे ने ABVP पर डराने और अलग-थलग करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।

मोतीलाल नेहरू कॉलेज में शिक्षक से मारपीट
मोतीलाल नेहरू कॉलेज (ईवनिंग) में DUSU के एक प्रचारक पर शिक्षक से मारपीट का आरोप लगा। इसके बाद कॉलेज की फैकल्टी ने प्रदर्शन किया।
एक शिक्षक के मुताबिक, फैकल्टी के एक सदस्य को गंभीर चोट आई और उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया। शिक्षकों ने कार्रवाई की मांग करते हुए FIR दर्ज कराने और चुनाव से जुड़ी ड्यूटी के बहिष्कार की बात कही।
शिक्षकों ने कहा कि छात्रों को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए और किसी भी स्थिति में फैकल्टी के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए। हालांकि, शिक्षक यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि पर मारपीट करने वाला प्रचारक किस छात्र संगठन से जुड़ा था।

दिल्ली HC चुनाव नियमों के उल्लंघन पर तत्काल सुनवाई के लिए तैयार
इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को DUSU चुनाव प्रचार के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों, एंटी-डिफेसमेंट गाइडलाइन और कोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई।
वकील प्रशांत मनचंदा की याचिका में उम्मीदवारों के साथ तय संख्या से ज्यादा लोगों के प्रचार करने, बाहरी लोगों की मौजूदगी, वाहनों के काफिले, रैलियों, रोड शो, ट्रैफिक बाधित करने और प्रिंटेड पोस्टर-पर्चों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। सार्वजनिक जगहों पर तोड़फोड़ और पैसे-बाहुबल से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी जिक्र है।
याचिका में नियम तोड़ने वाले उम्मीदवारों पर कार्रवाई, जरूरत पड़ने पर अयोग्य ठहराने और अधिकारियों की कथित लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बार-बार उल्लंघन को देखते हुए तुरंत रोकथाम के कदम जरूरी हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2 कैंपस, इनमें 91 कॉलेज, चुनाव 52 में
दिल्ली यूनिवर्सिटी में दो कैंपस हैं। साउथ और नॉर्थ कैंपस लगभग 15 किमी की दूरी पर बने हैं। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं, लेकिन DUSU के चुनावों में DU के सभी कॉलेज वोट नहीं कर सकते हैं।
DUSU में सिर्फ 52 कॉलेज और फैकल्टी ही सीधे तौर पर वोटिंग में हिस्सा लेते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्री राम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ बड़े कॉलेज भी DUSU का हिस्सा नहीं हैं।

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