October 16, 2026

Dussehra 2026: विजयादशमी पर शस्त्र पूजा क्यों की जाती है? जानिए इसका महत्व और मुहूर्त

Dussehra 2026: 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा का पावन पर्व पूरे देश में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा. दशहरा यानी विजयादशमी के दिन शस्त्रों की पूजा करने की धार्मिक परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है. यह पावन पर्व भगवान राम द्वारा लंकापति रावण और माता दुर्गा द्वारा दुष्ट महिषासुर के वध का सबसे बड़ा प्रतीक है. शस्त्र हमारी रक्षा, सुरक्षा और अन्याय के नाश का मुख्य माध्यम माने जाते हैं. इस दिन शस्त्र पूजा करने से जीवन में शक्ति और सुरक्षा का भाव बना रहता है. आइए इस विशेष लेख में हम विस्तार से जानते हैं कि विजयादशमी पर शस्त्रों का पूजन क्यों किया जाता है, इसके पीछे का पौराणिक इतिहास क्या है और घर पर इसकी सबसे आसान और संपूर्ण पूजन विधि क्या है.

शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त

  • विजयादशमी की तिथि: मंगलवार, अक्टूबर 20, 2026
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से दोपहर 02:45 बजे तक
  • अवधि: 00 घंटे 45 मिनिट्स

शस्त्र पूजा का इतिहास और राजा-महाराजाओं की परंपरा

प्राचीन काल से ही विजयादशमी के दिन अस्त्र-शस्त्रों के पूजन की एक महान परंपरा चली आ रही है. पुराने समय में राजा-महाराजा अपने युद्ध के अस्त्र-शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा करके युद्ध के मैदान में विजय प्राप्त करने और अपने राज्य की रक्षा के लिए देवताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त करते थे. शस्त्रों को केवल हथियार नहीं, बल्कि अपनी रक्षा और न्याय का सबसे बड़ा साधन माना जाता था.

आधुनिक समय में भी यह पावन पर्व हमें अपनी जिम्मेदारियों, आंतरिक शक्ति और सुरक्षा के प्रति हमेशा सजग रहने की प्रेरणा देता है. आज के दौर में भी लोग अपने घरों में मौजूद रक्षा के साधनों का पूजन करके ईश्वर से सुरक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए शक्ति का होना कितना आवश्यक है.

शस्त्र पूजा से कैसे मिलती है जीवन के हर क्षेत्र में विजय?

शस्त्र पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे मन के भीतर छिपे हर तरह के डर को दूर करने का सबसे बड़ा माध्यम है. जब कोई व्यक्ति सच्चे भाव से शस्त्रों का पूजन करता है, तो उसके भीतर एक नई ऊर्जा और असीम साहस का संचार होता है. यह पावन अनुष्ठान हमें यह सिखाता है कि जीवन में आने वाली हर बड़ी चुनौती का सामना बिना डरे कैसे करना चाहिए. जब इंसान का आंतरिक आत्मविश्वास मजबूत होता है, तो उसका सारा भय धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है. इस सकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से जीवन के हर क्षेत्र में विजय और सफलता मिलती है, क्योंकि इंसान किसी भी मुश्किल परिस्थिति से घबराने के बजाय उसका डटकर मुकाबला करने की ताकत पाता है.

घर पर शस्त्र पूजा की संपूर्ण विधि

स्नान और स्वच्छ वस्त्र: विजयादशमी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

चौकी की स्थापना: अपने घर के पूजा स्थल या किसी अन्य पवित्र स्थान पर एक चौकी रखकर उस पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं.

शस्त्रों को रखना: अपने शस्त्रों या आज के समय में उपयोग होने वाले चाकू, तलवार अथवा रक्षा के प्रतीक उपकरणों को अच्छे से साफ करके उस चौकी पर रखें.

शुद्धिकरण: शस्त्रों पर पवित्र गंगाजल छिड़ककर उन्हें पूरी तरह से शुद्ध करें.

तिलक और पूजन सामग्री: इसके बाद उन पर रोली, अक्षत, हल्दी, ताजे फूल और दुर्वा पूरी श्रद्धा से अर्पित करें.

भोग और आरती: फिर गुड़ और मिठाई का भोग लगाएं, धूप-दीप जलाएं और विधिवत आरती करके पूजन संपन्न करें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.com पर संपर्क करें.

चंद्रेश शर्मा

चंद्रेश शर्मा

चंद्रेश शर्मा एक अनुभवी वैदिक ज्योतिषी हैं, जिनका ज्योतिष से जुड़ाव 35 से अधिक सालों का है. किशोरावस्था में शुरू हुई उनकी ज्योतिष यात्रा समय के साथ गहरे अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आध्यात्मिक समझ में विकसित हुई. पिछले 15 सालों से वे पेशेवर रूप से लोगों को वैदिक ज्योतिष के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं. ज्योतिष के साथ-साथ उन्होंने लगभग 38 वर्षों तक कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी कार्य किया. इस दौरान उन्हें टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, थिसेनक्रुप और भूषण स्टील जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला. व्यावसायिक जीवन के अनुभव और वैदिक ज्योतिष का गहन अध्ययन उनके दृष्टिकोण को संतुलित और व्यावहारिक बनाता है. उन्होंने भारतीय विद्या भवन से ज्योतिष आचार्य और ज्योतिष अलंकार की उपाधियां प्राप्त की हैं. उनका मानना है कि वैदिक ज्योतिष केवल भविष्य जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को खुद को समझने, सही समय पर उचित निर्णय लेने और जीवन की परिस्थितियों का बेहतर सामना करने की दिशा भी देता है. वे करियर, विवाह, व्यवसाय, वित्त, ग्रह गोचर, कुंडली विश्लेषण, पंचांग और वैदिक ज्योतिष से जुड़े विषयों पर अपने वर्षों के अनुभव और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं. उनका उद्देश्य लोगों तक प्रामाणिक वैदिक ज्योतिष को सरल, व्यावहारिक और विश्वसनीय रूप में पहुंचाना है, ताकि वे जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ ले सकें.

Read More

google button