सिरसा के खोखर गांव में खसवंत सिंह की हत्या के बाद घर पर शोक जताते पहुंचे रिश्तेदार व परिजन।
सिरसा जिले के गांव खोखर निवासी जसवंत सिंह की बहनोई और पिता द्वारा गोलियां मारकर हत्या के मामले में अभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मृतक के परिजनों द्वारा थाना घेराव की सूचना पर डीएसपी कालांवाली परिवार से मिलने पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को एक सप्
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इस पर परिजन पुलिस के दिए आश्वसन पर मान गए और पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करवाने पर सहमत हो गए। परिजनों का कहना है कि वे एक सप्ताह तक इंतजार करेंगे। यदि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वे मीटिंग कर फैसला लेंगे। पुलिस की कार्रवाई से उम्मीद है। शक जताया कि आरोपी पंजाब फरार हो गया है, वहां पर रेड की जाए। परिवार ने जान का खतरा बताया है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए दाबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा करने को कहा है। अभी पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं और उसकी रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। उसी में हत्या के कारणों का पता चल पाएगा।

जसवंत सिंह का खोखर गांव स्थित घर।
पुलिस गांव से आने-जाने का खंगाल रही रूट
पुलिस आरोपी हमलावरों के गांव खोखर तक आने और वहां से वापसी जाने का रूट खंगाल रही है कि आरोपी किस रास्ते से आए और कहां से होते हुए वापस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपी गाड़ी लेकर आए थे और गाड़ी को गांव से बाहर ही खड़ी कर दी। वहां से हथियार लेकर घर तक पहुंचे और दीवार फांदकर अंदर घुस गए।

जसवंत सिंह का बेटा अरमान, जिसे अहसास तक नहीं कि पिता नहीं रहे।
पिता बार-बार जमीन बेचना चाह रहा था
मृतक जसवंत सिंह की पत्नी जश्नप्रीत सिंह ने बातचीत में बताया, उसके पति जमीन को बेचना नहीं चाहते थे। मगर उनका पिता या ससुर दलविंदर सिंह उसके हिस्से की जमीन भी बेचना चाहता था। करीब तीन एकड़ जमीन ससुर दलिंदर किसी को बेच भी दी थी। मगर बाद में जसवंत ने उसे मुश्किल से पैसे देकर वापस रजिस्ट्री अपने नाम करा ली थी।
उनकी कुल 10 एकड़ जमीन पुस्तैनी है और उनके हिस्से में दो-दो भाई होने पर 5 एकड़ जमीन आती है। इसी बात पर उनका आपस में झगड़ा भी हुआ और ससुर ने अपनी बेटी के पास ससुराल पंजाब के बठिंडा के कामलो में रहना शुरू कर दिया।