September 11, 2026

DSP अमर कुमार पांडे के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग

Ranchi News: रांची पुलिस मुख्यालय-1 में पदस्थापित डीएसपी अमर कुमार पांडे के खिलाफ आदिवासी समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शिकायत पत्र सौंपकर गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. समिति के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा ने शिकायत में अधिकारी के तबादले, जमीन से जुड़े मामलों और कथित मिलीभगत को लेकर सवाल उठाए हैं.

शिकायत में कहा गया है कि अमर कुमार पांडे फरवरी 2025 में सीनियर डीएसपी रैंक में पदोन्नत हुए थे. मई 2026 में डीएसपी स्तर के अधिकारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादले में उन्हें रांची मुख्यालय-1 से झारखंड जगुआर स्थानांतरित किया गया था. आरोप है कि बाद में उन्होंने अपने प्रभाव और पैरवी के जरिए तबादला रुकवा लिया और अब भी उसी पद पर कार्यरत हैं.

इसे भी पढ़ें - 

चार साल बाद भी भ्रष्टाचार के आरोपी इंजीनियरों पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं
हजारीबाग से कोलकाता जा रही विजय रथ बस दुर्घटनाग्रस्त, कई यात्री घायल

शिकायतकर्ता ने अगस्त 2025 में रांची में जमीन मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी से अमर कुमार पांडे को हटाए जाने का भी उल्लेख किया है. पत्र में दावा किया गया है कि चुटिया क्षेत्र से जुड़े एक जमीन मामले में उनके खिलाफ फर्जीवाड़ा और अनियमितता के आरोपों की चर्चा हुई थी. 
हालांकि शिकायतकर्ता ने यह भी माना है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक आरोप पत्र या विभागीय जांच रिपोर्ट उनके पास उपलब्ध नहीं है.

कांके अंचल से जुड़े जमीन विवादों की शुरुआती जांच में भी अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायत में सोशल मीडिया और कुछ यूट्यूब वीडियो में जमीन कारोबारियों से कथित मिलीभगत और संरक्षण देने जैसे आरोप लगाए जाने का जिक्र किया गया है.

आदिवासी समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डीएसपी अमर कुमार पांडे के रांची पुलिस मुख्यालय-1 में पदस्थापन के दौरान उनकी भूमिका के साथ-साथ संपत्ति की भी विजिलेंस, सीआईडी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए. शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए.

डीएसपी अमर पांडे ने फोन पर बताया कि लक्ष्मी नारायण मुंडा खुद जमीन का कारोबार करता है और मूल रूप से बुंडू का रहने वाला है. उन्होंने कहा कि मुंडा के खिलाफ रिम्स-2 से जुड़े जमीन मामले में कांके थाना में एफआईआर दर्ज है. इसके अलावा सरकारी काम में बाधा समेत कई अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है.

अमर पांडे के अनुसार, लक्ष्मी नारायण मुंडा और उसके साथ जमीन कारोबारी कृष्णा नायक मिलकर बुकरू में शारदा ग्लोबल स्कूल के पास जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्जे का काम रुकवाया था और पूछताछ के लिए  थाना बुलाया गया था. डीएसपी ने कहा कि इसी कार्रवाई के बाद से लक्ष्मी नारायण मुंडा ने उनके खिलाफ आरोप लगाना शुरू किया. उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में मुंडा वर्तमान में अभियुक्त  है.

कांके थाना में RIMS-2 भूमि पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, सार्वजनिक परिसंपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने, पुलिस बल एवं प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को लक्षित कर अपने सहयोगियों के साथ जान मारने की नियत से हमला करने के आरोप में अंचलाधिकारी कांके अमित भगत के लिखित आवेदन के आधार पर कांके थाना कांड संख्या -228/25 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है. कांड में लक्ष्मीनारायण मुंडा के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं और गिरफ्तारी के भय से फरार हैं. 

लक्ष्मी नारायण मुंडा स्वयं जमीन दलाल हैं और कांके क्षेत्र के भूमाफिया कृष्णा नायक के साथ मिलकर आदिवासी एवं भूयींहारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं जिसे कांके अंचल एवं थाना के द्वारा रोक लगायी गई है और 163 BNSS के तहत निरोधात्मक कारवाई की गई है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.