October 16, 2026

बांका में सुरक्षा पर DM-SP ने दिए निर्देश: 40 सेक्टरों में सुरक्षा, 20 CCTV से मॉनिटरिंग; लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई - Banka News

दशहरा मेले के दौरान बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

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ड्यूटी में तैनात सभी प्रशासनिक पदाधिकारी और कर्मी पूरी तत्परता, सजगता एवं सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। ये बातें शुक्रवार की शाम तिलडीहा मंदिर परिसर में मेला सुरक्षा को लेकर आयोजित ब्रीफिंग में बांका के डीएम अंशुल अग्रवाल और एसपी अमितेश कुमार ने कहीं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में दर्शन-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे।

आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश

डीएम अंशुल अग्रवाल ने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास और अनुशासन जरूरी है। तिलडीहा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

ऐसे में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान देना होगा। अधिकारियों एवं कर्मियों को अपने व्यवहार और कार्यशैली से श्रद्धालुओं को सुखद अनुभव कराना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिले में एक माह तक चलने वाला श्रावणी मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। इसके बाद दशहरा मेला जिले का दूसरा सबसे बड़ा आयोजन है।

इसे भी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को टीम भावना से काम करना होगा।

डीएम ने बिजली, अग्निशमन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) सहित अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

श्रद्धालुओं से शिष्ट व्यवहार करें पुलिसकर्मी : एसपी

एसपी अमितेश कुमार ने कहा कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी है कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद वातावरण में दर्शन-पूजन कर सकें।

पुलिसकर्मी आम नागरिकों के साथ शिष्ट व्यवहार करें और ड्यूटी के दौरान संयम बनाए रखें।

विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने पाठा बलि स्थल और पार्किंग स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।

एसपी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मियों की लगातार निगरानी की जाएगी। अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे एडीएम अजीत कुमार ने भरोसा दिलाया कि श्रावणी मेले की तरह तिलडीहा मेला भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा।

40 सेक्टरों में बंटी सुरक्षा व्यवस्था, 20 कैमरों से निगरानी

एसडीओ राजकुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मेले में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 40 सेक्टर बनाए गए हैं। चिह्नित स्थानों पर 20 सीसीटीवी कैमरे और चार वाच टावर लगाए गए हैं।

तिलडीहा मंदिर के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा जिला स्तर से भी लगातार निगरानी की जाएगी।

मंदिर न्यास समिति की ओर से तीन एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु मंदिर के अंदर होने वाली पूजा-विधि को आसानी से देख सकें।

एसडीओ ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को संयुक्त आदेश के अनुसार निर्धारित स्थलों पर ड्यूटी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मियों का वेतन रोकने के साथ उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

बड़े वाहन रामचुआ खेल मैदान में होंगे पार्क

मेले में वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।

बड़े वाहनों को रामचुआ खेल मैदान में और छोटे वाहनों को तिलडीहा बगीचा में खड़ा कराया जाएगा।

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया है।

भीड़ को देखते हुए पार्किंग स्थलों और मंदिर तक आने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

सप्तमी की रात खुलेगा मंदिर का पट, अष्टमी को शाम सात बजे से पाठा बलि

मंदिर न्यास समिति के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि सप्तमी पूजा की रात से मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

महाअष्टमी के दिन डलिया चढ़ाने की प्रक्रिया रविवार शाम चार बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम सात बजे से पाठा बलि दी जाएगी।

नवमी के दिन सोमवार दोपहर 12 बजे से पाठा बलि की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रतिमा का विसर्जन मंगलवार की शाम किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पाठा बलि और मुंडन के लिए 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बदले श्रद्धालुओं को रसीद दी जा रही है।

निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग किए जाने पर श्रद्धालु मंदिर न्यास समिति के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ब्रीफिंग के दौरान डीडीसी उपेंद्र कुमार, एसडीपीओ अमर विश्वास, ट्रैफिक डीएसपी, बीडीओ प्रभात केसरी, सीओ जुगनू रानी, प्रभाकर कुमार, थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।