भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने खुलासा किया कि धर्मेंद्र उनके राजनीति में जाने के खिलाफ थे। एक्ट्रेस ने बताया कि धर्मेंद्र हमेशा उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता में रहते थे।
हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से जुड़ा किस्सा सुनाया
- Published: 28 Jul 2026, 04:56 PM IST
- Last Updated: 28 Jul 2026, 04:56 PM IST
Hema Malini: बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी पिछले 12 सालों से मथुरा विधानसभा सीट से बीजेपी सांसद के तौर पर राजनीति में एक्टिव हैं। हालांकि उनके इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। जब हेमा मालिनी राजनीति में कदम रख रही थीं तब उनके पति व दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र उनके इस फैसले के खिलाफ थे। हाल ही में हेमा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से जुड़े कुछ दिलचस्प और अनोखी पहलुओं का खुलासा किया है।
भीड़ और प्रचार यात्रा से घबराते थे धर्मेंद्र
हाल ही में रिपब्लिक को दिए इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने बताया कि पार्टी की ओर से उन्हें चुनाव प्रचार के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता था। वहां भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी और लगातार हेलीकॉप्टर से यात्रा करना धर्मेंद्र को परेशान कर देता था।
उन्होंने कहा- ' वो बोलते थे 'आप उन भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाती हैं; बस उम्मीद है आप सुरक्षित रहें'। क्योंकि उस समय मैं हेलीकॉप्टर से बहुत ट्रैवल करती थी, इसलिए उन्हें यह बात भी परेशान करती थी। वे अक्सर पूछते थे, 'क्या यह ज़रूरी है?' मैं उनसे कहती थी, 'वे मुझे बुला रहे हैं, इसलिए मुझे जाना ही होगा।'

मां ने राजनीति में आने के लिए किया था प्रेरित
हेमा मालिनी ने यह भी खुलासा किया कि शुरुआत में वह राजनीति में आने के पक्ष में नहीं थीं। लेकिन उनकी मां ने उन्हें समझाया कि वर्षों तक फिल्मों के जरिए लोगों का मनोरंजन करने के बाद अब देश की सेवा करने का यह एक अच्छा अवसर है। मां की इसी सलाह ने उन्हें राजनीति में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।
1999 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर
हेमा मालिनी का राजनीतिक सफर 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। उस समय उन्होंने अभिनेता और राजनेता विनोद खन्ना के लिए चुनाव प्रचार किया था। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई और आज वह भाजपा की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं।
हेमा मालिनी ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। 'सीता और गीता', 'शोले', 'ड्रीम गर्ल', 'सत्ते पे सत्ता' और 'बागबान' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। अब वह मुख्य रूप से राजनीति में सक्रिय हैं।