August 30, 2026

Dhanbad News: झरिया में घर के दरवाजे के पास बना गोफ, बाल-बाल बचा परिवार

Dhanbad News: झरिया के लिलोरी पथरा बालूगद्दा में रविवार को अचानक भू-धसान होने से इलाके में हड़कंप मच गया. सुमित कुमार के घर के दरवाजे के समीप तेज धमाके के साथ जमीन धंस गई और देखते ही देखते वहां एक विशाल गोफ बन गया. घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. कई घरों में दरारें पड़ने की भी बात सामने आ रही है. 

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भू-धंसान की घटना के बाद लोग आनन-फानन में अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थान की तलाश में जुट गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे आग धधकने के कारण इलाके में लगातार खतरा बना हुआ है.

पीड़ित सुमित कुमार ने बताया कि उनके घर के बगल में झगड़ा हो रहा था. शोर सुनकर वह झगड़ा देखने के लिए घर से बाहर चले गए. इसी दौरान अचानक तेज धमाके की आवाज हुई और जमीन धंस गई.

सुमित ने बताया कि कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे तो घर के समीप विशाल गोफ बन चुका था. उन्होंने कहा गनीमत रही कि झगड़ा देखने के लिए घर से बाहर निकल गया था. अगर वहीं रहता तो आज इस गोफ में समा जाता.

स्थानीय लोगों ने भू-धंसान के बाद जहरीली गैस के रिसाव का भी दावा किया है.उनका कहना है कि जमीन के नीचे आग धधक रही है और ऊपर उनके घर हैं. ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है.

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. लोगों का आरोप है कि खतरे की जानकारी होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया है.

ग्रामीणों ने कहा कि कतरास के सोनारडीह और छाताबाद में हुई घटनाओं के बावजूद प्रबंधन ने पर्याप्त सबक नहीं लिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके का सर्वे पहले ही हो चुका है और प्रभावित लोगों की सूची भी तैयार है. इसके बावजूद पुनर्वास की प्रक्रिया में देरी समझ से परे है.

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर बीसीसीएल किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहा है. लोगों का कहना है कि जब जमीन धंसने का खतरा सामने आ चुका है, तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजा जाना चाहिए.

भू-धंसान ने प्रभावित परिवारों के सामने जान बचाने के साथ-साथ रहने का भी संकट खड़ा कर दिया है. लोगों का कहना है कि एक ओर बारिश और धूप की मार है.

वहीं दूसरी ओर जमीन के नीचे धधकती आग का खतरा. ऐसे में वे अपने परिवार और बच्चों को लेकर कहां जाएं यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है.

स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के टाउनशिप में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए. उनका कहना है कि अब कागजी प्रक्रिया के नाम पर और देरी नहीं की जानी चाहिए.

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में 182 प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा चुकी है. इसके बावजूद उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई नहीं हो रही है. ग्रामीणों ने कहा कि सूची में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उन्हें तत्काल विस्थापित किया जाए और यदि कोई प्रभावित परिवार सूची से छूट गया है तो उसका भी सर्वे कराकर पुनर्वास किया जाए.

लिलोरी पथरा बालूगद्दा में बना यह गोफ अब महज भू-धंसान की घटना नहीं बल्कि बीसीसीएल की पुनर्वास और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रबंधन समय रहते लोगों को सुरक्षित करेगा या फिर किसी बड़ी त्रासदी के बाद ही कार्रवाई होगी?

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