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सार
Dhanbad Katras Land Subsidence: धनबाद के कतरास के छाताबाद में शुक्रवार को अचानक भू-धंसान से एक दो मंजिला मकान समेत एक दर्जन से ज्यादा घर जमींदोज हो गए। करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं।

धनबाद में भू-धंसान से एक दो मंजिला मकान समेत एक दर्जन से ज्यादा घर जमींदोज हो गए,(सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Jharkhand Dhanbad Land Subsidence: झारखंड के धनबाद जिले में एक बार फिर भू-धंसान की बड़ी घटना सामने आई है। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद इलाके में शुक्रवार को अचानक जमीन धंसने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते एक दो मंजिला मकान समेत एक दर्जन से अधिक घर जमीन में समा गए। अचानक हुए भू-धंसान के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से पहले इलाके में तेज कंपन महसूस किया गया और इसके बाद जमीन में दरारें पड़ने लगीं। कुछ ही देर में कई मकान इसकी चपेट में आ गए। हादसे में करीब एक दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से प्रभावित घरों और मलबे से लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और बीसीसीएल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सुरक्षा को देखते हुए आसपास के घरों को भी खाली कराया जा रहा है।
अचानक धंसी जमीन, देखते ही देखते जमींदोज हुए घर
धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद इलाके में शुक्रवार को अचानक जमीन धंसने से बड़ा हादसा हो गया। जमीन धंसने के बाद आसपास के कई मकानों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एक दो मंजिला मकान समेत एक दर्जन से ज्यादा घर इसकी चपेट में आए हैं।
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तेज कंपन के बाद जमीन में पड़ी दरारें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले इलाके में तेज कंपन महसूस किया गया। इसके बाद अचानक जमीन फटने लगी और देखते ही देखते कई मकान धंसने लगे। घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ लोग अपने घरों से सामान तक नहीं निकाल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़े क्षेत्र में जमीन धंसने और दरारें बढ़ने के बाद इलाके में भय का माहौल बन गया। रिपोर्टों में खनन क्षेत्र में लगातार हो रही गतिविधियों और जमीन के कमजोर होने को इस तरह की घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
मलबे में फंसे लोगों को निकाला गया
भू-धंसान के बाद कई घरों में मौजूद लोग मलबे और धंसी हुई जमीन के बीच फंस गए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर राहत और बचाव का काम शुरू किया। बाद में पुलिस, जिला प्रशासन और बीसीसीएल की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और राहत टीमों की मदद से प्रभावित घरों से लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में करीब एक दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
आसपास के घरों को कराया जा रहा खाली
घटना के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। जमीन में लगातार दरारें बढ़ने की आशंका के चलते आसपास के घरों को भी खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी और बड़े हादसे को रोका जा सके। प्रशासन यह भी आकलन कर रहा है कि भू-धंसान का दायरा कितना बड़ा है और कितने मकान इसकी चपेट में आए हैं।
BCCL और प्रशासन के खिलाफ लोगों में गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ देखने को मिला। प्रभावित लोगों का आरोप है कि धनबाद के खनन प्रभावित इलाकों में पहले भी भू-धंसान की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि इलाके में जमीन धंसने का खतरा पहले से मौजूद था तो प्रभावित बस्तियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
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खनन गतिविधियों पर फिर उठे सवाल
धनबाद के कतरास और आसपास के इलाकों में भू-धंसान की घटनाएं नई नहीं हैं। पहले भी खनन प्रभावित क्षेत्रों में जमीन धंसने से घरों में दरारें आने और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमिगत खनन और खदानों में होने वाली गतिविधियों के कारण जमीन कमजोर हुई है। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
