July 20, 2026

DGP Anurag Dhankar Death: भगोड़े नीरव मोदी पर CBI एक्शन लेने वाले IPS की दर्दनाक मौत, मुख्यालय में लाश मिली

Time Updated: Monday, July 20, 2026, 22:24 [IST]

Tripura DGP Anurag Dhankar Death Mystery: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 20 जुलाई को उनका शव अगरतला के पुलिस मुख्यालय में बरामद हुआ। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ (60) यूपी के बागपत के रहने वाले थे। 2025 में त्रिपुरा डीजीपी पद का चार्ज संभाला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनखड़ पुलिस मुख्यालय में अपने वॉशरूम में फंदे से लटके पाए गए। डीजीपी को गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बताया। विपक्षी दलों CPI(M) और कांग्रेस ने इस पुलिस अधिकारी की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अब छानबीन में लगी है कि डीजीपी के खौफनाक कदम के पीछे क्या वजह है? आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन थे डीजीपी?

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11 महीने में रिटायर होने वाले थे

धनखड़ 11 महीने में रिटायर होने वाले थे। स्थायी DGP का कार्यकाल उम्र की परवाह किए बिना कम से कम दो साल का होता है। उन्हें पिछले साल राज्य का पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद धनखड़ का शव परिवार को सौंप दिया गया और इसे उत्तर प्रदेश के मेरठ में उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। उनके परिवार में उनकी पत्नी और कनाडा में रहने वाला बेटा है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, कहा- सदमे में हूं

त्रिपुरा मुख्यमंत्री माणिक साहा ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (IPS) अनुराग के दुखद निधन से मुझे गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। वे आज अपने आधिकारिक कक्ष के वॉशरूम में फंदे से लटके पाए गए। साहा ने बताया कि उन्हें तुरंत GBP अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'मृत' घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गहरे दुख की घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति और साहस मिले।

18 सालों तक त्रिपुरा की सेवा, नीरव मोदी पर CBI एक्शन लेने वाले

18 मई 2025 को त्रिपुरा सरकार ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ को राज्य का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया था। उन्होंने अमिताभ रंजन की जगह ली थी। आपको बता दें कि लगभग 16 सालों तक अलग-अलग कार्यकालों में अनुराग धनखड़ ने त्रिपुरा की सेवा की थी। उन्हें राज्य में पुलिसिंग का व्यापक अनुभव था।

खास बात यह है कि आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई जांच का नेतृत्व किया था, जिस पर 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है।

एक नजर धनखड़ के सफर पर

धनखड़ ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में महानिरीक्षक (कार्मिक) और 2013 से 2016 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए त्रिपुरा के पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) के रूप में भी कार्य किया। 2003-04 के दौरान, अनुराग धनखड़ ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी अपनी सेवाएं दीं और 2005 से 2013 तक वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे।

2016 से 2023 तक, आईपीएस अधिकारी फिर से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो में अनुसंधान एवं सुधार प्रशासन के महानिरीक्षक और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में महानिरीक्षक (कार्मिक) के रूप में कार्य किया, इसके अलावा सीबीआई में संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक के रूप में भी कार्य किया। अनुराग धनखड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन विशेष जांच दल के अध्यक्ष (1984 के सिख विरोधी दंगे) के रूप में भी कार्य किया।