August 16, 2026

पठानकोट DFO-रेंजर के खिलाफ मजदूरों का हल्ला बोल: फर्जीवाड़े के विरोध में रोष रैली निकाली; कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क को सौंपा मांगपत्र - Pathankot News

जंगलात वर्कर यूनियन (रेंज पठानकोट) के मजदूरों, महिलाओं और यूनियन पदाधिकारियों ने रेंजर अधिकारी और वन विभाग के डिवीजनल फॉरेस्ट अफसर (DFO) की कथित धक्केशाही, फर्जीवाड़े और मजदूरों के आर्थिक शोषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

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रविवार को सुंदरचक्क में एकत्रित होने के बाद यूनियन के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने गांव भोआ और कोटली होते हुए जंगलात मंत्री के निवास स्थान कटारूचक्क तक रोष मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन में भोआ के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल सहित विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने भी समर्थन दिया। जोगिंदर पाल ने रोष प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार की शह पर कर्मचारियों और मजदूरों के आर्थिक शोषण के आरोप लगाए। हाथों में तख्तियां पकड़ कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

कर्मचारियों के रोष मार्च में भोआ के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल भी हुए शामिल।

कर्मचारियों के रोष मार्च में भोआ के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल भी हुए शामिल।

सरकारी फंडों में ₹1.5 करोड़ का बड़ा घपला और फर्जीवाड़े का आरोप

प्रदर्शन के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों और पीड़ित मजदूरों ने जंगलात विभाग पठानकोट की कार्यप्रणाली की परतें उघेड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए:

नरेगा की आड़ में सरकारी फंड खुर्द-बुर्द: युनियन प्रधान राकेश कुमार, जनरल सचिव नरिंदर कुमार, कैशियर नरिंदर सिंह सहित अन्य नेताओं ने बताया कि वर्ष 2025-26 (90 हेक्टेयर) और 2026-27 (40 हेक्टेयर) में प्लांटेशन के काम के लिए पंजाब सरकार से करीब 1.5 करोड़ रुपये का फंड आया था। रेंजर अधिकारियों ने चतुराई से यह काम नरेगा के जरिए करवाया और सरकारी बजट को फर्जी चेकों व चहेतों के खातों के जरिए खुर्द-बुर्द कर दिया।

सीनियर वर्करों की अनदेखी: सुजानपुर बीड़ और पिरोजपुर कलां नर्सरियों में पिछले 30-35 सालों से पसीना बहा रहे पुराने मजदूरों को महीने में सिर्फ 10-10 दिन का काम दिया जा रहा है या काम से ही निकाल दिया गया है। जबकि, नए भर्ती किए चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

धमकियां व उत्पीड़न: जब मजदूर अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन्हें काम से निकालने और झूठे पुलिस पर्चे दर्ज करवाने की धमकियां दी जाती हैं।

पूर्व विधायक जोगिंदर पाल बोले: 'कच्चे कर्मचारियों का शोषण बंद करे सरकार'

प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सरकार 65,000 नौकरियां देने का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि वर्षों से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय उनके हक छीने जा रहे हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सरकार आते ही सभी कच्चे वर्करों को प्राथमिकता पर पक्का किया जाएगा।

मांगें न मानने पर DFO दफ्तर का अनिश्चितकालीन घेराव

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि वे DFO से इस संबंध में 4 बार मिल चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। यदि मंत्री व उच्चाधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेकर फर्जीवाड़े की जांच न कराई और मजदूरों की मांगें पूरी न कीं, तो आने वाले दिनों में DFO कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख यूनियन पदाधिकारी

रोष रैली का नेतृत्व जंगलात वर्कर यूनियन के प्रमुख प्रतिनिधियों ने किया, जिनमें प्रधान राकेश कुमार, जनरल सचिव नरिंदर कुमार, कैशियर नरिंदर सिंह, उप-प्रधान ओंकार नाथ, सहायक सचिव अशोक कुमार, कार्यकारी सदस्य सुमितरी देवी, प्रेस सचिव सुषमा देवी, कानूनी सलाहकार सुभाष पवन, मुख्य सलाहकार बोद्ध सिंह घुम्मन व रतन सिंह हॉला, और चेयरमैन दिया राम शामिल रहे।