July 24, 2026

Devshayani Ekadashi Vrat Niyam: देवशयनी एकादशी पर खाने के क्या नियम हैं? निर्जला, फलाहार या नक्तभोजी- कौन सा बेहतर?

अध्यात्म

  • Authored by: निधि जैन
  • Updated Jul 24, 2026, 09:50 AM IST

Devshayani Ekadashi 2026 Vrat Niyam: क्या आप भी देवशयनी एकादशी का व्रत रखने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो चलिए जानें देवशयनी एकादशी का व्रत निर्जला, फलाहार या नक्तभोजी कैसे रखा जाता है। साथ ही इस व्रत में खान-पान से जुड़े अन्य नियम क्या हैं।

Image

देवशयनी एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं?

Devshayani Ekadashi 2026 Vrat Niyam: जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित देवशयनी एकादशी को अत्यंत शक्तिशाली और महापुण्यदायी माना जाता है, जिसका व्रत हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि विधिपूर्वक देवशयनी एकादशी का व्रत रखने से सभी प्रकार के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में खुशियों का स्थायी वास होता है। हालांकि, इस व्रत को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि इसे निर्जला, फलाहार या नक्तभोजी किस प्रकार रखना ज्यादा फलदायी होता है? यदि व्रत में कुछ खाया जा सकता है तो वो कौन कौन सी चीजें हैं? यहां पर आपको देवशयनी एकादशी के व्रत में खान-पान से जुड़े ऐसे ही सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल जाएंगे।

देवशयनी एकादशी व्रत कैसे रखें?

पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि देवशयनी एकादशी का व्रत निर्जला, फलाहार और नक्तभोजी तीनों में से किसी भी तरह से रखा जा सकता है। निर्जला व्रत में न तो कुछ खाया जाता है और न ही कुछ पीने की इजाजत होती है। वहीं, फलाहार व्रत में केवल फलों का सेवन किया जाता है, जबकि नक्तभोजी व्रत में सूर्यास्त के बाद केवल एक बार खाना खाया जाता है।

बता दें कि इन तीनों तरह के व्रतों का अपना महत्व है। हालांकि, व्रत से ज्यादा व्यक्ति की आस्था का महत्व होता है। यदि व्यक्ति सच्चे मन से नक्तभोजी व्रत रखता है तो उसे निर्जला व्रत के समान फल भी मिल सकता है।

देवशयनी एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं?

देवशयनी एकादशी के व्रत में ताजे फल, राजगिरे के आटे से बनी चीजें, दूध, दही, छाछ, घी, मलाई, चीनी, पनीर, सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बनी चीजें, शकरकंद, उबले आलू, साबूदाने की खिचड़ी, मखाने, नारियल और ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है, लेकिन व्रत के खाने में केवल काली मिर्च और सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करें। वहीं, अन्न, चावल से बनने वाली चीजें, गेहूं, दाल और तामसिक भोजन को इस व्रत में खाने से बचना चाहिए।

देवशयनी एकादशी 2026 में कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ आज 24 जुलाई 2026 की सुबह 09 बजकर 12 मिनट से हो गया है, जो कि कल 25 जुलाई 2026 की सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में कल 25 जुलाई 2026, शनिवार को ही देवशयनी एकादशी का व्रत रखना शुभ रहेगा। हालांकि, व्रत का पारण कल नहीं होगा। देवशयनी एकादशी व्रत का पारण परसों 26 जुलाई 2026 को होगा। इस दिन सुबह 05:39 से सुबह 08:22 बजे के बीच आप व्रत खोल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

Nidhi Jain

निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

और पढ़ें

  • Hindi News
  • Spirituality

End of Article