Delhi Robbery Case: दिल्ली पुलिस ने डेढ़ करोड़ की लूट का पर्दाफाश करते हुए इस मामले मे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 1 आरोपी अब तक फरार है, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है।
दिल्ली के लूट मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार।
- Published: 17 Sep 2026, 05:58 PM IST
- Last Updated: 17 Sep 2026, 05:59 PM IST
Delhi Robbery Case: दिल्ली के सेंट्रल जिले में पेमेंट कलेक्टर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दरियागंज थाना पुलिस, स्पेशल स्टाफ और AATS की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक,आरोपियों के कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लूट की रकम से खरीदी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और पिस्तौल के आकार का लाइटर भी बरामद हुआ है।
गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, वारदात 7 सितंबर की रात करीब 8 बजे गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई शिकायतकर्ता एक कारोबारी के लिए पेमेंट डिलीवरी का काम करता है और अपने साथी नरेश के साथ ऑटो से सफदरजंग की ओर जा रहा था।
दोनों के पास करीब तीन करोड़ रुपये थे, जिन्हें दो बैग में रखा गया था। इसी दौरान काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने ऑटो को रोक लिया और एक बैग छीनकर फरार हो गए। इस बैग में करीब डेढ़ करोड़ रुपये रखे हुए थे।
चार दिन की जांच में मिले अहम सुराग
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों तक के CCTV फुटेज खंगाले। करीब चार दिनों तक तकनीकी निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात से पहले चांदनी चौक इलाके में बड़ी रकम लेकर आने-जाने वाले लोगों की रेकी की गई थी।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, सूरज पांडे को 12 सितंबर को आनंद विहार बस टर्मिनल से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 17 लाख रुपये बरामद किए गए।
इसके बाद 13 सितंबर को आदर्श तिवारी और दीपक गोस्वामी को नवादा से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से 32.5 लाख रुपये बरामद हुए। संदीप उर्फ सैंडी को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर 11 लाख रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने कथित मुख्य साजिशकर्ता रिंकू को लुधियाना से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 37.5 लाख रुपये बरामद किए गए।
पिस्तौल नहीं, लाइटर से डराया था
ज्वाइंट सीपी, सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपियों ने पीड़ितों को पिस्तौल जैसी वस्तु दिखाकर डराया था। जांच में सामने आया कि वह असली पिस्तौल नहीं, बल्कि पिस्तौल के आकार का लाइटर था।
पुलिस का दावा है कि लूट के बाद आरोपियों ने रकम आपस में बांट ली और इसी पैसे से मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, कपड़े और जूते खरीदे। मामले में प्रिंस नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और लूटी गई रकम की बाकी राशि बरामद करने के प्रयास जारी हैं।