Delhi Private Schools: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों के लिए जमीन की न्यूनतम शर्त खत्म, सीएम रेखा गुप्ता ने दी मेडिकल रूम की सौगात
Delhi Private Schools: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूलों के लिए न्यूनतम जमीन की जरूरत को अब हटा दिया है। वहीं सीएम रेखा गुप्ता ने स्कूलों में मेडिकल रूम खोलने की घोषणा कर दी है।
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों के लिए शिक्षा निदेशालय का आदेश।
- Published: 01 Sep 2026, 03:54 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 03:55 PM IST
Delhi Private Schools: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने, मान्यता बढ़ाने और स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए तय न्यूनतम जमीन की जरूरत को अब हटा दिया है। आदेश के अनुसार, अब दिल्ली में किसी नए प्राइवेट स्कूल को मान्यता देने, पहले से मान्यता प्राप्त स्कूल की मान्यता बढ़ाने या स्कूल का लेवल अपग्रेड करने के लिए शिक्षा निदेशालय न्यूनतम जमीन की कोई तय शर्त नहीं रखेगा।
आदेश में क्या कहा गया ?
- शिक्षा निदेशक ने 26 अगस्त को जारी आदेश में कहा है कि स्कूलों को एफिलिएशन के लिए संबंधित बोर्ड, जैसे CBSE या अन्य बोर्ड, के नियमों का पालन करना होगा।
- जमीन से जुड़े नियम भी संबंधित बोर्ड के मानकों के अनुसार तय होंगे।
- शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि मान्यता मिलने के बावजूद स्कूलों को दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियमों, बच्चों के निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार कानून समेत अन्य जरूरी नियमों का पालन करना होगा।
स्कूलों में मेडिकल रूम खोलने की घोषणा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते दिन सोमवार को स्कूलों में मेडिकल रूम खोलने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि स्कूली स्टूडेंट्स की सुरक्षा, प्राइमरी केयर और उनके पूरे स्वास्थ्य को बेहतर और मजबूत करने के इरादे से मेडिकल रूम खोलने का फैसला लिया गया है। इसे पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाएगा।
इस फैसले से प्राइवेट स्कूलों की मान्यता और अपग्रेड की प्रक्रिया में जमीन की शर्त को लेकर बड़ी राहत मिलेगी। अब स्कूलों को जमीन की तय सीमा के अलावा संबंधित बोर्ड के नियमों के अनुसार मानक पूरे करने होंगे। वहीं, सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम शुरू होने से छात्रों को स्कूल परिसर में ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।