September 16, 2026

Delhi Private Bus Drivers Strike: दिल्ली में प्राइवेट बस ड्राइवरों की हड़ताल से यात्री परेशान, ऑटो का किराया बढ़ा - Haribhoomi

Delhi Private Bus Drivers Strike: दिल्ली में प्राइवेट बस के ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं, जिसकी वजह से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Delhi Private Bus Drivers Strike

दिल्ली में प्राइवेट बस ड्राइवर की हड़ताल।

  • Published: 16 Sep 2026, 03:30 PM IST
  • Last Updated: 16 Sep 2026, 03:32 PM IST

Delhi Private Bus Drivers Strike: दिल्ली में आज 16 सितंबर बुधवार को बस चालकों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। हड़ताल का असर यात्रियों की रोजमर्रा की आवाजाही पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।

बताया जा रहा है कि वेतन वृद्धि, मेडिकल सुविधा, इंश्योरेंस, सालाना बोनस और ओवरटाइम के उचित भुगतान जैसी मांगों को लेकर ड्राइवरों ने चक्का जाम कर दिया। बसों के सड़क पर नहीं उतरने से कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है।  

जानकारी के मुताबिक, गोविंदपुरी मेट्रो के पास मां आनंदमयी मार्ग स्थित बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जमा रही। यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे।  दफ्तर, काम और दूसरे जरूरी काम के लिए  निकले यात्रियों को बस नहीं मिलने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी।  

हड़ताल का असर गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास मां आनंदमयी मार्ग स्थित बस स्टैंड पर भी देखने को मिला। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए। कई यात्री पिछले 1 से डेढ़ घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे। बस नहीं मिलने की वजह से लोगों को अपने दफ्तर और दूसरे जरूरी कामों पर पहुंचने में देरी की समस्या रही।

ऑटो चालक मांग रहे ज्यादा किराया 

मीडिया से बात करते हुए यात्री लालू पंडित ने कहा कि उन्हें करीब 1 घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि डीटीसी बसें भी जल्दी नहीं मिल रही हैं, और निजी बसें हड़ताल के कारण चल नहीं रही हैं।

यात्रियों का यह भी कहना है कि DTC की बसें काफी लेट आती हैं, ऐसे में निजी बसों का संचालन बंद होने से आवाजाही और मुश्किल हो गई है। यात्रियों का यह भी कहना है कि बसों का संचालन बंद हो जाने से उन्हें ऑटो से आना पड़ा, उन्होंने आरोप लगाया है कि आज ऑटो चालक भी अधिक किराया मांग रहे हैं। 

जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी

बता दें कि प्राइवेट बस ड्राइवर वेतन वृद्धि, मेडिकल सुविधा, इंश्योरेंस, सालाना बोनस जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। चालकों का आरोप है कि उन्हें 10 से 11 घंटे तक काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटरों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल के कारण निजी बस चालक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बसों पर निर्भर यात्रियों को घंटों इंतजार, भीड़ और वैकल्पिक परिवहन के लिए अतिरिक्त खर्च जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।