Updated: Thursday, July 23, 2026, 21:01 [IST]
Rahul Gandhi INDIA Bloc Gandhi Smriti Protest: NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन (CJP Protest) के बीच 23 जुलाई की शाम तक दिल्ली की सड़कें छावनी में तब्दील हो गई हैं। RAF, भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग ने राजधानी का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। पहले, लोकसभा में विपक्ष के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर हाई-लेवल बैठक हुई।
प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर INDIA गठबंधन के टॉप लीडर्स राहुल गांधी के आवास पर जमा हुए। इस दौरान, पुलिस फोर्स राहुल गांधी के घर के बाहर बड़ी संख्या में तैनात कर दी गई। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद, पूरा विपक्ष बैरिकेडिंग तोड़ते हुए गांधी स्मृति की ओर रवाना हुआ।
गांधी स्मृति पहुंचते ही मोबाइल की रोशनी में तिरंगा लेकर राहुल गांधी अपने 120 सांसदों के साथ अंदर गए। वहां सभी ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया। सभी नीट छात्रों, जिनकी मौत हो चुकी है, श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में, सभी दो बसों में सवार होकर वापस लौट गए।
उधर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी। गांधी स्मृति से लगभग 3.5 किलोमीटर दूर स्थित जंतर-मंतर के करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू की गई और देर रात 12 बजे तक इंटरनेट व मोबाइल सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया गया। राजधानी दिल्ली एक तरह से सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आपको बता दें कि, पहले ही कनॉट प्लेस की दुकानें-दफ्तर शाम 6:30 बजे तक बंद करने करवा दी गई। 16 मेट्रो स्टेशन भी बंद हैं।
राहुल गांधी के घर पर विपक्ष की हाई-लेवल बैठक
NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर INDIA ब्लॉक ने गुरुवार को राहुल गांधी के आवास पर अहम बैठक की। इसमें सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुप्रिया सुले, शत्रुघ्न सिन्हा, महुआ मोइत्रा, अरविंद सावंत, मीसा भारती समेत कई दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान राहुल गांधी के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे।
बैरिकेडिंग के कारण पूरे इलाके में आवाजाही सीमित रही। बैठक के बाद सभी विपक्षी सांसद बैरिकेडिंग को तोडते हुए बस में सवार होकर गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए। विपक्ष का कहना था कि यह यात्रा छात्रों के समर्थन और लोकतांत्रिक विरोध के प्रतीक के रूप में की जा रही है।
राहुल गांधी बोले- छात्र अकेले नहीं हैं, लोकतंत्र की सरकार ने हत्या की
गांधी स्मृति रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, 'हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए सभी विपक्षी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए। हम इंडिया गेट जाना चाहते थे लेकिन हमें अनुमति नहीं मिली। इसके बाद हमने गांधी स्मृति जाने का फैसला किया। हमारा संदेश साफ है कि देश के छात्र अकेले नहीं हैं, पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है।'राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों को नुकसान पहुंचा या जो घायल हुए, उनके साथ विपक्ष मजबूती से खड़ा रहेगा।
वहीं, गांधी स्मृति पहुंचने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि क्या हो रहा है? छात्रों के समर्थन में हम विपक्षी सांसदों को इंडिया गेट ले जाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर हम उन्हें '30 जनवरी मार्ग' (पूर्व में अल्बुकर्क रोड) ले जाना चाहते थे, जहां गांधीजी की हत्या हुई थी। और अब उन्होंने हमारे सामने यह बस खड़ी कर दी है, और उन्होंने बैरिकेड्स लगा दिए हैं और इस तरफ एक बस खड़ी कर दी है। इसलिए हम जा नहीं सकते। और वे ड्रामा कर रहे हैं। जाहिर है, वे डरे हुए हैं। हमें लगा, सभी सांसदों को लगा कि अगर छात्र सड़कों पर हैं, तो हमें भी सड़कों पर होना चाहिए।'
आगे कहा कि हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है, छात्रों पर ज़ुल्म कर रही है और उन्हें पीट रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं, और नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा और माफी मांगनी होगी।
प्रियंका ने भी सरकार को घेरा, बोलीं- हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में है
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि महात्मा गांधी ने जो किया, और हमारे किसानों और गरीबों ने जो किया, वह सचमुच एक अनोखी क्रांति थी। एक सचमुच अनोखा आंदोलन क्योंकि इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। आज, उसी देश में, आप बच्चों को इसलिए पीट रहे हैं क्योंकि वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। तो, हम सब देख रहे हैं कि कितनी गलत चीजें हो रही हैं, और हमारे देश का लोकतंत्र, जिसके लिए गांधीजी शहीद हुए, जिसके लिए इतने सारे लोग शहीद हुए।
आगे कहा कि आज, उसी देश में, हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है... जो लोग वर्दी पहनते हैं, जो आपकी सीमाओं पर खड़े होते हैं। किसलिए? ताकि उनके बच्चों को पीटा जा सके। क्यों? क्योंकि उनके परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं। वे इसके लिए अपने अधिकारों और न्याय की मांग कर रहे हैं।"
कार्ति चिदंबरम ने उठाए सवाल- मोदी सरकार किससे डर रही?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि वे किससे डर रहे हैं? हम सांसद हैं। हमारे पास हथियार नहीं हैं। हम हिंसक नहीं हैं। हम गांधी स्मृति जाना चाहते हैं, जहां गांधीजी को गोली मारी गई थी। यह एक पवित्र स्थान है। हम यहां श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं। इतने सारे पुलिसकर्मी क्यों हैं? सैकड़ों और हजारों पुलिसकर्मी क्यों हैं? वे किससे डर रहे हैं? हम लगभग 30 मिनट तक बस में रहे। क्यों? मुझे लगता है कि आपको उनसे पूछना चाहिए कि यह घबराहट की भावना क्या है? जिसने पूरी सरकार को अपनी चपेट में ले लिया है?... यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं। पहली मांग यह है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, और NEET और अन्य मुद्दों पर पूरी बहस होनी चाहिए... चाहे प्रधानमंत्री उनसे इस्तीफा मांगें या नहीं, उन्हें (धर्मेंद्र प्रधान) स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए। उन्हें स्वेच्छा से पद छोड़ने की पेशकश करनी चाहिए। इससे स्थिति को शांत करने में मदद मिलेगी।
विपक्षी नेताओं ने क्या-क्या कहा?
- कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि देश और दिल्ली में इमरजेंसी जैसे हालात को देखते हुए, हमने आज गांधी स्मारक पर दीया जलाया और श्रद्धांजलि दी। उम्मीद है कि हिंसा करने वाली सरकार को कोई रास्ता मिल जाएगा। हमने अंधेरे में उन्हें रास्ता दिखाने की कोशिश की है... यह तानाशाही है। उनमें नॉर्थ कोरिया के किम जोंग-उन की आत्मा आ गई है। यह तानाशाही वाला व्यवहार है। यह सरकार असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ़ काम कर रही है।
- समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि गांधी के देश में छात्रों और सोनम वांगचुक का दमन हमें ब्रिटिश शासन की याद दिलाता है। हमें यह भी याद आया कि यह वही सरकार है जिसका पॉलिटिकल DNA अंग्रेजों से आया है। इस सरकार का अहंकार तोड़ने के लिए, जैसे अंग्रेजों को हराया गया था, और गांधीवादी तरीके से हालात को ठीक करने के लिए, क्योंकि यह गांधी का देश है, हम आज यहां प्रार्थना करने आए हैं कि भगवान उन्हें भी सद्बुद्धि दे।
- गांधी स्मृति में, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महात्मा गांधी देश की आत्मा हैं। भारत लोकतंत्र की हत्या होते हुए देख रहा है। नरेंद्र मोदी लोकतंत्र और छात्रों के भविष्य की हत्या कर रहे हैं। यह वह जगह है जहां हमें प्रार्थना करनी चाहिए। महात्मा गांधी ने हमें रोशनी दिखाई थी और देश को दिशा दी थी। इसलिए, हम यहां प्रतीकात्मक रूप से यह संकल्प लेने आए हैं कि हम छात्रों और सही मकसद के साथ खड़े रहेंगे।
- कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो सालों से, जब पिछली बार पेपर लीक हुआ था, तब से छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन यह सरकार सुनने को तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री संसद नहीं आए, तो हम किससे बात करें? आज इंटरनेट बंद कर दिया गया, मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, NSA लागू कर दिया गया और दुकानें बंद करने का आदेश दिया गया। क्या होने वाला है? हमें छात्रों की चिंता है।
दिल्ली में क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
NEET विवाद के बीच राजधानी में पहले से ही प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी पुलिस बल और RAF तैनात रही। कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई।
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया। रात 12 बजे तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई। प्रदर्शन स्थलों के आसपास अतिरिक्त निगरानी रखी गई। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
गांधी स्मृति पहुंचने से पहले, राहुल के घर बैठक के बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में 'इमरजेंसी जैसे हालात' बना दिए गए हैं। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सांसद गांधी स्मृति इसलिए जा रहे हैं ताकि लोकतंत्र और छात्रों के समर्थन का संदेश दिया जा सके।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। RJD सांसद मनोज झा और मीसा भारती ने भी कहा कि पूरा विपक्ष गांधी स्मृति जाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी गांधी स्मृति जाने की पुष्टि की।
मल्लिकार्जुन खड़गे का हल्का-फुल्का अंदाज
गांधी स्मृति पहुंचने से पहले, राहुल गांधी के घर बैठक में पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराते हुए कहा था कि राहुल गांधी ने चाय पर बुलाया था, इसलिए चाय पीने आया हूं। हालांकि बैठक के बाद विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि छात्रों के मुद्दे पर साझा रणनीति बनाई गई है।
21 जुलाई का सीन दोहराने वाले हैं राहुल?
आपको बता दें कि, 21 जुलाई को राहुल गांधी के नेतृत्व में मॉनसून सत्र के बाद पूरा विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर बीच सडक धरने पर बैठा। इस दौरान, पुलिस ने उन्हें सुरक्षा के तहत हटाने का प्रयास किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में भी लिया। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत कई शीर्ष नेता शामिल रहे। करीब रात 9:45 बजे के आसपास छत्रसाल से सभी को रिहा कर दिया गया। इस दौरान पुलिस राहुल गांधी को टांगकर अपने साथ ले गई थी।