Published: Saturday, October 10, 2026, 22:41 [IST]
Delhi CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के समर्थन में जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान हिरासत में ली गईं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। रिहा होने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें जबरन प्रिजन वैन में बैठाकर अलग-अलग थानों में घुमाती रही। हालात ऐसे हो गए थे कि उन्हें लगा, जैसे उनका अपहरण किया जा रहा हो।
ममता बनर्जी के मुताबिक, वह CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के बुलावे पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जंतर-मंतर जाने से रोका गया, तो वह अपने साथियों के साथ घर के सामने स्थित बस स्टैंड पर बैठ गईं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
'ऐसे उठाया, जैसे हम वांटेड अपराधी हों'
ममता बनर्जी ने बताया कि वह जंतर-मंतर जाना चाहती थीं, क्योंकि अभिजीत दीपके ने उन्हें कई बार अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। पहले वह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाई थीं, लेकिन इस बार दिल्ली आने पर उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर जाने से पहले उन्होंने अपने आवास के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछा था कि क्या उन्हें वहां जाने दिया जाएगा। पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी और रास्ते में ही रोक दिया जाएगा।
ममता के अनुसार, इसके बाद वह अपने साथियों के साथ आवास के सामने स्थित बस स्टैंड पर बैठ गईं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपना समर्थन दर्ज करा रहे थे, तभी पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें वहां से हटाने लगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन प्रिजन वैन में बैठाया। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे कोई वांटेड अपराधी हों।
'तीन लोगों को भी साथ बैठने नहीं दिया'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बताया कि तीन लोग भी एक साथ नहीं बैठ सकते। इसके बाद वह और उनके साथी दूरी बनाकर तीन-तीन लोगों के समूह में बैठ गए। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद पुलिस ने कुछ ही समय में उन्हें वहां से हटा दिया और हिरासत में ले लिया। ममता ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पहले कभी इस तरह की कार्रवाई का अनुभव नहीं किया था। उनके मुताबिक, पुलिस उन्हें करीब दो घंटे तक अलग-अलग जगहों पर ले जाती रही।
'तीन थानों में घुमाया, लगा अगवा कर रहे हैं'
ममता बनर्जी ने बताया कि पुलिस उन्हें पहले एक थाने, फिर दूसरे और उसके बाद तीसरे थाने लेकर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हर जगह पुलिसकर्मियों ने कहा कि वहां रखने के लिए जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार अलग-अलग थानों में ले जाए जाने के दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे उनका अपहरण किया जा रहा हो। हालांकि, यह ममता बनर्जी का आरोप है। हिरासत के दौरान पुलिस की पूरी कार्रवाई और उन्हें अलग-अलग थानों में ले जाने के कारणों को लेकर दिल्ली पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
'मुद्दा सही है तो सभी को समर्थन करना चाहिए'
ममता बनर्जी ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदर्शन में शामिल होकर एक मुद्दे के प्रति समर्थन जताना था। उनके मुताबिक, अगर कोई मुद्दा सही है, तो लोगों को उसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि लोगों को सड़कों पर चलने, एक जगह बैठने और मीडिया को किसी कार्यक्रम की कवरेज करने की अनुमति नहीं मिलेगी, तो लोकतंत्र का अर्थ क्या रह जाएगा? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन की अहमियत कम होने के बजाय और बढ़ जाती है।
CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में तनाव
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।