यात्रियों की सुविधा के लिए आज से देहरादून-रामनगर एक्सप्रेसवे ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। गढ़वाल मंडल ऑनर्स की 11 नई हिमगिरी बसें भी 1 सितंबर से देहरादून से पर्वतीय जिलों के लिए दौड़ेंगी।
देहरादून, 5 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Ramnagar Express : देहरादून-रामनगर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन आज बुधवार से विधिवत रूप से शुरू हो गया है। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को ट्रैक पर दौड़ेगी। यात्रियों में इस नई रेल सेवा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली यात्रा के लिए रामनगर से दून आने वाली सेकेंड सीटिंग क्लास की सभी सीटें पूरी तरह से बुक हो चुकी हैं।
रेलवे ने आम यात्रियों की जेब का ध्यान रखते हुए ट्रेन का किराया बेहद किफायती रखा है। सेकेंड सीटिंग का किराया मात्र 135 रुपये तय किया गया है। स्लीपर क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को 215 रुपये का भुगतान करना होगा। एसी क्लास के लिए अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं।
एसी चेयरकार का किराया 460 रुपये निर्धारित है। एसी थ्री टियर में सफर 520 रुपये में किया जा सकेगा। सबसे महंगा टिकट एसी टू टियर का है जिसके लिए यात्रियों को 725 रुपये खर्च करने होंगे।
ट्रेन (15310) रामनगर से सुबह ठीक 05:50 बजे प्रस्थान करेगी। यह रेलगाड़ी दोपहर 12:40 बजे देहरादून स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। उसी दिन वापसी की यात्रा के लिए ट्रेन (15309) देहरादून से दोपहर 03:55 बजे रामनगर के लिए रवाना होगी।
वापसी के सफर में यह ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। रास्ते में हरिद्वार, नजीबाबाद, मुरादाबाद, पीपलसाना, रोशनपुर और काशीपुर में ट्रेन का ठहराव होगा। रात 11:30 बजे यह एक्सप्रेस ट्रेन रामनगर स्टेशन पहुंचेगी।
गढ़वाल के पर्वतीय जिलों का सफर करने वाले यात्रियों के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण ने एक बड़ा बदलाव किया है। गढ़वाल मंडल ऑनर्स (जीएमओ) 1 सितंबर 2026 से देहरादून से अपनी ‘हिमगिरी’ बस सेवा शुरू करने जा रहा है। शुरुआत में प्रतिदिन 11 बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा। ये बसें चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिलों के दुर्गम रास्तों पर चलेंगी।
देहरादून से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए लंबे समय से टीजीएमओ की ‘विश्वनाथ’ बस सेवा का एकाधिकार था। इसका दायरा मुख्य रूप से टिहरी और उत्तरकाशी जिलों तक ही सीमित रहता था। बाकी पहाड़ी जिलों के लिए राजधानी से सीधी बस सेवाएं न के बराबर थीं। जीएमओ की बसों के पास सिर्फ ऋषिकेश तक ही परमिट मौजूद था।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) से देहरादून तक का सीधा परमिट मिलने के बाद जीएमओ ने अपनी रणनीति बदल दी है। संस्था ने जमीनी स्तर पर रूट का व्यापक सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल बरगली ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर से नियमित संचालन हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा।
अनिल बरगली ने बताया कि सर्वे का काम अंतिम चरण में है। सर्वे की रिपोर्ट आते ही एसटीए द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर नया किराया तय कर दिया जाएगा। पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए पूरी 11 सेवाओं का खाका तैयार हो चुका है।
हिमगिरी एक्सप्रेस का रूट देहरादून शहर के बाहरी हिस्सों से तय किया गया है। यह बस भुड्डी गांव के पास चांदनी चौक से अपनी यात्रा शुरू करेगी। इसके बाद बस बड़ोवाला और शिमला बाईपास से होते हुए सीधे आईएसबीटी पहुंचेगी। शहर के ट्रैफिक से बचने के लिए यह रूट चुना गया है।
आईएसबीटी से रवाना होने के बाद इन बसों का रूट दो हिस्सों में बंटेगा। कुछ बसें वाया ऋषिकेश होकर पहाड़ों की तरफ चढ़ेंगी। बाकी बसें वाया हरिद्वार होकर पर्वतीय जिलों का रुख करेंगी।
चमोली जिले में यह बस सेवा तीन प्रमुख स्थानों को कवर करेगी। यात्री सीधे जोशीमठ, गोपेश्वर और ग्वालदम तक का सफर कर सकेंगे।
रुद्रप्रयाग जिले के लिए दो मुख्य रूट चिह्नित किए गए हैं। बसें ऊखीमठ और पोखरी तक जाएंगी।
पौड़ी जिले के दूरस्थ क्षेत्रों को भी इस सेवा से जोड़ा गया है। हिमगिरी बसें थलीसैंण, बीरोंखाल और पौड़ी मुख्यालय तक अपनी सेवाएं देंगी। इन सेवाओं के शुरू होने से पर्वतीय क्षेत्रों के आम यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों की राह काफी आसान हो जाएगी और पर्यटन गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।