August 26, 2026

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी खत्म, DCRUST में ICC करेगी जांच: सोनीपत असिस्टेंट प्रोफेसर यौन उत्पीड़न केस; छात्रों ने जताई दबाव की आशंका - Sonipat News

सोनीपत1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
सोनीपत में स्टूडेंट्स द्वारा मामले में कार्रवाई की मांग की है। - Dainik Bhaskar

सोनीपत में स्टूडेंट्स द्वारा मामले में कार्रवाई की मांग की है।

सोनीपत की दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DCRUST) में फीमेल स्टूडेंट्स द्वारा एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न आरोपों का मामला अब ICC के पास पहुंचा है। छात्रों का आरोप है कि 20 अगस्त को शिकायत देने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब फैक्ट फाइडिंग कमेटी को समाप्त कर मामला आईसीसी (Internal Complaints Committee) को सौंप दिया गया है।

जहां मामले में लीपापोती और लेट होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि मामले को टालने की कोशिश हो रही है और उन्हें मामले में डराने-धमकाने और मानसिक दबाव बनाने का खतरा भी जाहिर किया है।

छात्रों ने जांच लंबी खिंचने का आरोप लगाया है और चिंता जताते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित टीचर को शिकायतकर्ता छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा और मूल्यांकन से पूरी तरह अलग रखा जाए, ताकि छात्रों पर किसी तरह का दबाव या प्रतिशोध की स्थिति न बने।

20 अगस्त को विश्वविद्यालय प्रशासन को दी थी शिकायत

केमिकल विभाग के छात्रों के अनुसार, उन्होंने विभाग के एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ पुरानी एवं नई शिकायतों को लेकर 20 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष शिकायत दी थी। छात्रों का कहना है कि शिकायत के बाद प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।

स्टूडेंट्स का आरोप है कि जांच के नाम पर कार्रवाई लेट करने से उन्हें डराने-धमकाने और मानसिक दबाव डाले जाने का खतरा बनाया है

स्टूडेंट्स का आरोप है कि जांच के नाम पर कार्रवाई लेट करने से उन्हें डराने-धमकाने और मानसिक दबाव डाले जाने का खतरा बनाया है

पढ़ाई और मूल्यांकन से दूर रखने का मिला था आश्वासन

छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया था कि संबंधित सहायक प्रोफेसर भविष्य में शिकायतकर्ता छात्रों को नहीं पढ़ाएंगे। साथ ही उन्हें छात्रों की परीक्षाओं, मूल्यांकन अथवा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से भी अलग रखा जाएगा। छात्रों का कहना है कि यह आश्वासन उनके लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि शिकायत के बाद शिक्षक और छात्रों के बीच सीधे शैक्षणिक संपर्क की स्थिति चिंता का कारण बन रही थी।

फैक्ट फाइडिंग कमेटी गठित हुई थी

छात्रों ने बताया कि शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी रात एक फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया था। समिति का उद्देश्य छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों और शिकायतों के तथ्यों की जांच करना था। हालांकि, अब छात्रों को जानकारी मिली है कि इस समिति को समाप्त या निराकृत कर दिया गया है और मामला Internal Complaints Committee यानी ICC को भेज दिया गया है।

पुरानी शिकायतों की जांच पर भी उठाए सवाल

छात्रों ने आरोप लगाया कि संबंधित सहायक प्रोफेसर के खिलाफ पहले भी विश्वविद्यालय स्तर पर अलग-अलग समितियों का गठन किया जा चुका है। उनका कहना है कि इन समितियों में कई बार ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं। ऐसे लोग अपनी नौकरी को लेकर कार्रवाई से बच रहे हैं। छात्रों का सवाल है कि पूर्व में हुई शिकायतों और गठित समितियों की जांच का अब तक स्पष्ट और ठोस परिणाम सामने क्यों नहीं आया।

समितियां बनती रहीं, कार्रवाई का इंतजार

छात्रों का कहना है कि बार-बार समितियां गठित होने के बावजूद यदि शिकायतों का स्पष्ट नतीजा सामने नहीं आता है तो इससे छात्रों के बीच विश्वविद्यालय की कार्रवाई को लेकर असमंजस पैदा होता है। उन्हें आशंका है कि समिति गठन और जांच की प्रक्रिया का हवाला देकर मामले को सीमित रखा जा रहा है और आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई को टालने की कोशिश हो रही है। वहीं स्टूडेंट्स का कहना कि समय रहते कार्रवाई की जाए,अन्यथा वे अगला कदम उठाने को मजबूर रहेंगे और उसके बाद परिजनों को भी शामिल किया जाएगा।

ICC को मामला भेजे जाने पर छात्रों की चिंता

छात्रों का कहना है वर्तमान शिकायत को ICC के पास भेजा जाना छात्रों के लिए चिंता का विषय है। छात्रों का कहना है कि ICC की जांच और कार्रवाई में लंबा समय लग सकता है। उनके अनुसार, इस दौरान संबंधित शिक्षक विश्वविद्यालय में बने रह सकते हैं और छात्रों के साथ उनका प्रत्यक्ष या शैक्षणिक संपर्क बना रहने की संभावना है।

दबाव और प्रतिशोध की आशंका

छात्रों ने आशंका जताई है कि जांच लंबी चलने के दौरान शिकायतकर्ता छात्रों पर दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने डराने-धमकाने, मानसिक दबाव डालने अथवा छात्रों से अपने पक्ष में लिखित या वीडियो बयान लेने जैसी परिस्थितियों की आशंका भी जताई है। छात्रों का कहना है कि पूर्व के मामलों में भी इस तरह की परिस्थितियों की शिकायतें सामने आई हैं।

शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने की मांग

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी होने तक शिकायतकर्ताओं और अन्य छात्रों को किसी भी प्रकार के दबाव, भय, प्रतिशोध अथवा अनुचित प्रभाव से सुरक्षा दी जाए। साथ ही जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखते हुए जल्द पूरा करने की मांग की गई है।

परीक्षा के दौरान बढ़ी छात्रों की परेशानी

केमिकल विभाग के छात्रों ने बताया कि उनकी सत्रीय परीक्षाएं इसी सप्ताह होने वाली हैं। छात्रों का कहना है कि मौजूदा विवाद और अनिश्चितता के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में उनका कहना है कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में शिकायतकर्ता छात्रों को किसी भी तरह की असहज स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए।

शैक्षणिक कार्यों से अलग रखने की मांग

छात्रों की मुख्य मांग है कि जांच पूरी होने तक संबंधित सहायक प्रोफेसर को शिकायतकर्ता छात्रों की पढ़ाई, सत्रीय परीक्षा, परीक्षा मूल्यांकन और अन्य शैक्षणिक कार्यों से दूर रखा जाए। छात्रों ने विश्वविद्यालय से ऐसी व्यवस्था करने की मांग की है, जिससे जांच के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष प्रभाव या टकराव न हो।

समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले में समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं, बल्कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच और जांच पूरी होने तक छात्रों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक हित सुनिश्चित करना है।

.

खबरें और भी हैं...

  • सोनीपत में 3.75 किलो विस्फोटक पकड़ा: किराए के मकान में तैयार हो रहे थे सुतली बम; एक आरोपित गिरफ्तार

    किराए के मकान में तैयार हो रहे थे सुतली बम; एक आरोपित गिरफ्तार|सोनीपत,Sonipat - Dainik Bhaskar
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • सोनीपत की बेटी बनीं ‘सतलुज मूवी’ की लीड एक्ट्रेस: दिलजीत दोसांझ संग अभिनय से बटोरी चर्चा; रिलीज के 48 घंटे बाद हटी फिल्म

    दिलजीत दोसांझ संग अभिनय से बटोरी चर्चा; रिलीज के 48 घंटे बाद हटी फिल्म|सोनीपत,Sonipat - Dainik Bhaskar1:30
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • गुरुग्राम में बारिश से हालात बिगड़े, NH-48 की सर्विसलेन धंसी: पुलिस ने बैरिकेड लगा रास्ता बंद किया, ट्रक भी धंसा; सोनीपत में सरकारी ट्रैक्टर अंडरपास में डूबा

    पुलिस ने बैरिकेड लगा रास्ता बंद किया, ट्रक भी धंसा; सोनीपत में सरकारी ट्रैक्टर अंडरपास में डूबा|हिसार,Hisar - Dainik Bhaskar0:43
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जिला परिषद की बैठक में गोरिल्ला बनकर पहुंचे कांग्रेस पार्षद: सोनीपत में पेंशन-महंगाई पर जताया विरोध; बोले-जनता की हर लड़ाई लड़ने को तैयार

    • कॉपी लिंक

    शेयर