नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर (DC) सागर सेतिया ने की। बैठक के दौरान जिले में नशे के पूर्ण उन्मूलन और रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की
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बैठक में पुलिस प्रशासन, एसडीएम (SDM), स्वास्थ्य, शिक्षा तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को एक जन आंदोलन का रूप देना होगा। जब तक हर विभाग और आम नागरिक एकजुट होकर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक राज्य से नशे को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है
1. शिक्षा विभाग: स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता प्रतियोगिताएं
डिप्टी कमिश्नर ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि पंजाब को पूर्ण रूप से नशा मुक्त बनाने के लिए युवाओं को जागरूक करना अति आवश्यक है। स्कूलों और कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक, स्किट और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। नशा विरोधी अभियान को बढ़ावा देने के लिए पहले स्कूल स्तर, फिर ब्लॉक स्तर और अंत में जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग: हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मेडिकल कैंप और 'स्टिंग' पर सख्ती
नशे से प्रभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन कैंपों में लोगों को ओटी (OOAT) क्लीनिकों और नशा मुक्ति/पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को 'स्टिंग' (Sting) जैसे हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएचओ (DHO) को इनकी काउंटर बिक्री की जांच करने और सप्लाई चेन का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
3. प्रशासनिक व पुलिस नियंत्रण: नियमित निरीक्षण और सख्त शर्तें
- खेल प्रतियोगिताओं में शर्त: एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी खेल प्रतियोगिता की अनुमति देते समय अनुमति पत्र में यह शर्त अनिवार्य रूप से जोड़ी जाए कि खिलाड़ी किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे। इसकी सीधी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
- क्लीनिकों की जांच: सभी एसडीएम और डीएसपी को जिले में चल रहे सरकारी ओटी क्लीनिकों, निजी नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पुलिस की अपील: पुलिस प्रतिनिधियों ने बताया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत संबंधित एसएचओ (SHO) को दें, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।