July 28, 2026

Datia Bypoll: आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, 30 जुलाई को 2.20 लाख मतदाता करेंगे 21 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला - Haribhoomi

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। 30 जुलाई को 2.20 लाख से अधिक मतदाता 21 प्रत्याशियों और नोटा के बीच अपना फैसला सुनाएंगे। भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार में पूरी ताकत लगाई और अब दोनों दलों का ध्यान मतदान के दिन अधिक से अधिक वोटरों को बूथ तक पहुंचाने पर है।

Datia Bypoll

आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, 30 जुलाई को 2.20 लाख मतदाता करेंगे 21 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला

  • Published: 28 Jul 2026, 10:00 AM IST
  • Last Updated: 28 Jul 2026, 10:00 AM IST

दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का चुनाव प्रचार मंगलवार शाम 5 बजे थम जाएगा। इसके साथ ही राजनीतिक दलों की रैलियां, जनसभाएं और रोड शो पूरी तरह बंद हो जाएंगे। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रचार समाप्त होने के बाद बाहरी नेताओं और स्टार प्रचारकों को विधानसभा क्षेत्र छोड़ना होगा। इसके बाद केवल प्रत्याशी और स्थानीय कार्यकर्ता ही घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। अब सभी दलों का पूरा फोकस 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर रहेगा, जबकि चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।

2,20,344 मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे
निर्वाचन आयोग के अनुसार दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,20,344 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 1,16,088 पुरुष, 1,04,246 महिला और 10 अन्य मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 1,372 दिव्यांग मतदाता, 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,237 वरिष्ठ नागरिक और 443 सर्विस वोटर भी इस चुनाव में मतदान करेंगे। मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर 21 प्रत्याशियों के साथ नोटा (NOTA) का भी विकल्प चुन सकेंगे।

भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी
इस उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान दतिया के विकास को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों से विकास कार्य प्रभावित रहे हैं और भाजपा प्रत्याशी की जीत के बाद रुकी हुई परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने जनसभाएं और रोड शो कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

40-40 स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा
वहीं कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सरकार और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को निशाने पर रखा। कांग्रेस नेताओं ने दतिया में कानून-व्यवस्था, कथित गुंडागर्दी और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया। पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने को भी भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, हेमंत कटारे और जयवर्धन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने लगातार चुनावी सभाएं कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में दोनों प्रमुख दलों ने लगभग 40-40 स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा। ग्वालियर-चंबल अंचल के कई प्रभावशाली नेताओं ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर जातीय और स्थानीय समीकरण साधने की कोशिश की। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया।

शाम 5 बजे प्रचार समाप्त
मंगलवार शाम 5 बजे प्रचार समाप्त होने के बाद अब चुनावी मुकाबला पूरी तरह मतदाताओं के हाथ में होगा। राजनीतिक दलों की रणनीति अब मतदान प्रतिशत बढ़ाने और समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने पर केंद्रित रहेगी। 30 जुलाई को मतदान के साथ 21 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी और 3 अगस्त को मतगणना के बाद यह साफ हो जाएगा कि दतिया की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है।