July 14, 2026

Datia By-election: अवधेश नायक ने बढ़ाया सस्पेंस, बोले- अभी कोई फैसला नहीं; भाजपा-कांग्रेस दोनों की नजर

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक इन दिनों राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद उनके भाजपा में लौटने की अटकलें तेज हैं। इस बीच नायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर साफ किया है कि उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। अवधेश नायक ने लिखा कि पिछले दो दिनों में उनके निवास पर कांग्रेस और भाजपा, दोनों दलों के प्रत्याशी और वरिष्ठ नेता सौजन्य भेंट के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और संगठन के कई पदाधिकारी भी उनसे मिलने आए। उन्होंने कहा कि बसई अंचल और ग्रामीण क्षेत्र के अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चर्चा अभी बाकी है। अगले एक-दो दिनों में बातचीत पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फैसला दतिया के हित को ध्यान में रखकर होगा और उनके नाम से चल रही किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं किया जाए।



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नामांकन से दूरी, स्टार प्रचारकों की सूची में भी नाम नहीं


अवधेश नायक कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के नामांकन कार्यक्रम में भी नजर नहीं आए। इसके अलावा कांग्रेस की घोषित स्टार प्रचारकों की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं है। इससे उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

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2023 से अब तक नाराजगी बरकरार


अवधेश नायक 2023 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले उन्हें उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन 24 घंटे के भीतर टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया। पार्टी नेतृत्व ने भविष्य में अवसर देने का भरोसा दिया था। इस बार भी दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने से उनकी नाराजगी सामने आई है।



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भाजपा और कांग्रेस दोनों साधने में जुटी  


राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक भाजपा लंबे समय से अवधेश नायक की वापसी की संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल ही में सार्वजनिक मंच से अवधेश नायक से 2023 के टिकट विवाद को लेकर खेद जताते हुए माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद नायक ने अभी तक अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। अब सबकी नजर अगले एक-दो दिनों पर है, जब अवधेश नायक अपने समर्थकों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला सार्वजनिक कर सकते हैं। उनका निर्णय दतिया उपचुनाव के राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।



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2008 में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ लड़ा चुनाव


विधानसभा परिसीमन के बाद 2008 में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार दतिया सीट से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उस चुनाव में अवधेश नायक ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी  के टिकट पर किस्मत आजमाई। मुकाबले में डॉ. नरोत्तम मिश्रा विजयी रहे। उन्हें 34,489 वोट मिले, जबकि बसपा के राजेंद्र भारती दूसरे, कांग्रेस के घनश्याम सिंह तीसरे और अवधेश नायक चौथे स्थान पर रहे।



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भाजपा में वापसी, फिर कांग्रेस का दामन


2008 के चुनाव के बाद अवधेश नायक दोबारा भाजपा में लौट आए। 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट की दावेदारी भी की। वर्ष 2016 में भाजपा सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का उपाध्यक्ष नियुक्त किया और राज्यमंत्री का दर्जा दिया। इससे माना जाने लगा था कि पार्टी में उनकी स्थिति फिर मजबूत हो गई है।